दरभंगा-कुशेश्वरस्थान एस एच 56 पर जलजमाव से दुर्घटना का मंडराता खतरा, पथ निर्माण विभाग बना मूकदर्शक
दरभंगा-कुशेश्वरस्थान एस एच 56 पर जलजमाव से दुर्घटना का मंडराता खतरा, पथ निर्माण विभाग बना मूकदर्शक
दरभंगा-कुशेश्वरस्थान एस एच 56 पर जलजमाव से दुर्घटना का मंडराता खतरा, पथ निर्माण विभाग बना मूकदर्शक
दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित राज्य उच्च पथ संख्या 56 जो दरभंगा से भाया बिरौल होते हुए प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुशेश्वरस्थान को जोड़ती है, आज बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग की घोर उपेक्षा और कुंभकर्णी नींद की भेंट चढ़ चुकी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दर्जनों स्थानों पर बारिश का पानी जमा होने से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि विभाग के अभियंताओं को आम जनता की इस गंभीर समस्या से कोई सरोकार नहीं रह गया है। सड़क निर्माण और रखरखाव के नाम पर मार्ग के किनारे मनमाने ढंग से मिट्टी भर दी गई। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। इसी जलजमाव के कारण पिच उखड़ने लगी है और सड़क पर खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। जिस सड़क के निर्माण और जीर्णोद्धार पर जनता के गाढ़े पसीने की गाढ़ी कमाई (करोड़ों रुपये) खर्च की गई, आज उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नियमित देखभाल के अभाव में यह मार्ग दिन-प्रतिदिन जर्जर होता जा रहा है। कुशेश्वरस्थान जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पथ निर्माण विभाग ने जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था कर सड़क की मरम्मत नहीं कराई, तो न सिर्फ सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान होगा, बल्कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जनहित में विभाग को अपनी उदासीनता छोड़कर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।