बिहार में अब ‘पुलिस-पब्लिक’ के बीच बढ़ेगा संवाद, हर थाने में नामित होंगे सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी, अपराध रोकने से लेकर साइबर जागरूकता तक चलेगा अभियान, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ नियमित समन्वय पर जोर
बिहार में अब ‘पुलिस-पब्लिक’ के बीच बढ़ेगा संवाद, हर थाने में नामित होंगे सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी, अपराध रोकने से लेकर साइबर जागरूकता तक चलेगा अभियान, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ नियमित समन्वय पर जोर
बिहार में अब ‘पुलिस-पब्लिक’ के बीच बढ़ेगा संवाद, हर थाने में नामित होंगे सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी,
अपराध रोकने से लेकर साइबर जागरूकता तक चलेगा अभियान, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ नियमित समन्वय पर जोर
दस्तक 7 मीडिया,पटना /संजय कुमार राय
बिहार में अपराध की रोकथाम और पुलिस तथा आमजन के बीच विश्वास मजबूत करने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी स्तरों पर सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक थाना और बीट स्तर पर स्थानीय नागरिकों के साथ नियमित संवाद और संपर्क कायम किया जाएगा।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत नशामुक्ति, महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और अफवाह नियंत्रण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों, वंचित एवं संवेदनशील समुदायों से पुलिस नियमित संपर्क बनाए रखेगी।
भू-विवाद और सड़क सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
पुलिस को स्थानीय स्तर पर भू-विवाद की रोकथाम, सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। बाजार, बैंक, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ समन्वय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। पंचायत प्रतिनिधियों और सरपंचों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
युवा सहभागिता बढ़ाने के लिए पुलिस-समुदाय खेल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, चौकीदारी व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर आसूचना संग्रह को प्रभावी बनाने की भी योजना है।
हर थाने में बनेगा सामुदायिक पुलिसिंग पंजी
दिशा-निर्देश के अनुसार प्रत्येक थाना में विधि-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों के अलावा एक सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी नामित किया जाएगा। प्रत्येक बीट पदाधिकारी अपने क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तियों, संस्थानों और संवेदनशील स्थानों का अद्यतन विवरण रखेगा।
थाना स्तर पर ‘सामुदायिक पुलिसिंग पंजी’ का संधारण होगा। इसमें हर माह की गई सामुदायिक गतिविधियों, प्राप्त शिकायतों, सुझावों और समस्याओं के निराकरण का विवरण दर्ज किया जाएगा।
उत्कृष्ट काम करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन
सामुदायिक पुलिसिंग की गतिविधियों की थाना, अनुमंडल, जिला, क्षेत्र और प्रक्षेत्र स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। थाना प्रभारी को गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण की जिम्मेदारी दी जाएगी। उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले थाना, बीट और पुलिस पदाधिकारियों को जिला से लेकर राज्य स्तर तक प्रोत्साहित किया जाएगा।पुलिस मुख्यालय का संदेश है कि पुलिस और समुदाय के सहयोग से सुरक्षित, जागरूक और अपराध-मुक्त समाज का निर्माण किया जाए।