दरभंगा के बिरौल में गैरमजरूआ खास जमीन के खारिज-दाखिल में बड़ा फर्जीवाड़ा,अंचल अधिकारी ने डीसीएलआर से 15 वादों को निरस्त करने की सिफारिश की
दरभंगा के बिरौल में गैरमजरूआ खास जमीन के खारिज-दाखिल में बड़ा फर्जीवाड़ा,अंचल अधिकारी ने डीसीएलआर से 15 वादों को निरस्त करने की सिफारिश की
दरभंगा के बिरौल में गैरमजरूआ खास जमीन के खारिज-दाखिल में बड़ा फर्जीवाड़ा,अंचल अधिकारी ने डीसीएलआर से 15 वादों को निरस्त करने की सिफारिश की
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिले के बिरौल अंचल कार्यालय से सरकारी भूमि के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कुमारी सरीता रानी अंचल अधिकारी,बिरौल ने राजस्व कर्मचारी द्वारा गैरमजरूआ खास जमीन (सरकारी हित से जुड़ी भूमि) पर नियम विरुद्ध तरीके से किए गए 15 दाखिल-खारिज वादों को रद्द करने के लिए भूमि सुधार उप समाहर्त्ता बिरौल को पत्र लिखा है।
अंचल अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मौजा- अकबरपुर बैंक (थाना सं० 296) के अंतर्गत खाता संख्या 20 एवं खेसरा संख्या 198 से संबंधित दाखिल-खारिज वादों का निष्पादन राजस्व कर्मचारी द्वारा आर.एस. खतियान के आधार पर कर दिया गया था। लेकिन हाल में हुई जांच और समीक्षा में यह बात सामने आई कि उक्त खेसरा का सी.एस. खतियान में खाता संख्या 175 और खेसरा संख्या 135 दर्ज है, जो “गैरमजरूआ खास” श्रेणी की भूमि है। सरकारी हित की इस जमीन का व्यक्तिगत दाखिल-खारिज किया जाना न्यायोचित नहीं है। अंचल अधिकारी कुमारी सरीता रानी ने वर्ष 2019 से लेकर 2026 तक के कुल 15 संदिग्ध दाखिल-खारिज वादों को चिन्हित कर निरस्त करने की सिफारिश भेजी है। अंचल अधिकारी, बिरौल ने भूमि सुधार उप समाहर्ता को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि सरकारी भूमि और जनहित की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन सभी 15 अवैध दाखिल-खारिज वादों को अविलंब निरस्त किया जाए। इस खुलासे के बाद से अंचल प्रशासन और राजस्व कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिरौल अंचल के अधिन दर्जनों वैसे सरकारी भूमि है, जिसे पूर्व के सीओ और राजस्व कर्मचारी को मेल में लेकर गलत तरीके से कब्जा कर रखा है। उच्च स्तरीय जांच होने पर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हो सकता है।