बिरौल के जनता कोशी महाविद्यालय में एनएसएस
के तत्वावधान में मनाया गया ‘सद्भावना दिवस, परीक्षा के कारण 07 सितंबर को हुआ आयोजित

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।


जनता कोशी महाविद्यालय के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में ‘सद्भावना दिवस’ के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाया जाता है। हालांकि, महाविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं चलने के कारण यह कार्यक्रम निर्धारित तिथि के स्थान पर सोमवार, 07 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के वरीय प्राध्यापक डॉ.राजकुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के विचारों को देश के हर नागरिक को समझना चाहिए। आधुनिक भारत के निर्माण और देश की अखंडता में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय हित में कार्य करते हुए देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राम शेख ने राजीव गांधी के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी भेदभाव को त्याग कर हिंसा से दूर रहना ही सद्भावना दिवस का सच्चा संदेश है। शांति, सद्भाव और भाईचारे के बल पर ही एक स्वस्थ व समतामूलक समाज की नींव रखी जा सकती है। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए NSS पदाधिकारी डॉ. शम्भू पासवान ने राष्ट्रीय एकता की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को इन उच्च आदर्शों को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. भवेश कुमार, डॉ. प्रियंका, डॉ. सविता सुजाता, डॉ. राधा, डॉ. गोपाल चौधरी, डॉ. कुमारी राय, बिंदूनाथ झा तथा डॉ. नरेश सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने सामाजिक जीवन में सद्भावना की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और NSS स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। मौके पर सूरज पासवान, नवीन, मनीष, संदीप, चंदन, दिलखुश, चंद्रमोहन, सुभाष, मोहित, लाल बाबू, ईशा अंगारी, सीमा, रीतिका, वंदना, राधारानी, गोदावरी समेत भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।