सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में उलझे युवक की मौत,

आठ घंटे तक ओझा करता रहा झाड़-फूंक, हालत बिगड़ने पर हाथ खड़े किए तो डीएमसीएच पहुंचे स्वजन

दस्तक 7मीडिया /अफजल खान 

बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम पंचायत स्थित अखाड़ गांव में सर्पदंश के शिकार एक युवक की समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। सर्पदंश के बाद स्वजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब आठ घंटे तक झाड़-फूंक के लिए ओझा के पास लेकर बैठे रहे। गंभीर हालत होने पर ओझा ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद स्वजन उसे बहेड़ा पीएचसी ले गए, जहां से डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। डीएमसीएच पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान सहसराम पंचायत के वार्ड नंबर पांच निवासी पलटन मांझी के पुत्र धमेंद्र मांझी (29) के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। स्वजन सुरेश मांझी ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे धमेंद्र कमरे में जमीन पर बिस्तर बिछाकर सो रहा था। इसी दौरान सुप्तावस्था में सांप ने उसकी कमर में डंस लिया।

सर्पदंश की जानकारी मिलते ही स्वजन घबरा गए और उसे गांव के एक ओझा के पास ले गए। वहां कुछ देर झाड़-फूंक करने के बाद उसे घर भेज दिया गया। कुछ समय बाद तबीयत फिर बिगड़ने पर स्वजन उसे दोबारा ओझा के पास ले गए। इसके बाद शनिवार सुबह करीब सात-आठ बजे तक धुनी रमाकर झाड़-फूंक की जाती रही। इसी दौरान धमेंद्र बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। हालत बिगड़ते देख ओझा ने भी हाथ खड़े कर दिए।

इसके बाद स्थानीय लोगों की सलाह पर स्वजन उसे बहेड़ा पीएचसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने डीएमसीएच रेफर कर दिया। डीएमसीएच में भर्ती होते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर पहुंची बेंता थाना की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे स्वजन के हवाले कर दिया। धमेंद्र अपने पीछे पत्नी पूनम देवी, दो पुत्र और एक पुत्री समेत तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। पति की मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।