रिश्वत लेते कार्यपालक अभियंता गिरफ्तार, घर से 8.36 लाख नकद और करोड़ों के निवेश के कागजात बरामद

दस्तक 7मीडिया ,पटना/पूर्णिया।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उन्हें पटना के बेली रोड स्थित नेहरू पथ पर चिड़ियाघर के पास गोल्फ क्लब के गेट के बगल से पकड़ा गया।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, आरोपी कार्यपालक अभियंता द्वारा सरकारी विद्यालय निर्माण से जुड़े कार्य के भुगतान के एवज में ठेकेदार से तीन लाख रुपये कमीशन की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 104/26 दर्ज किया गया और धावा दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान 1,04,000 रुपये रिश्वत लेते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आवास की तलाशी में 8.36 लाख रुपये अतिरिक्त नकद

गिरफ्तारी के बाद रूपसपुर, पटना स्थित लखन इन्क्लेव में आरोपी के आवास की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 8.36 लाख रुपये अतिरिक्त नकद, एक फ्लैट के दस्तावेज के अलावा करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से संबंधित कागजात, हुंडई आई-20 कार, दो बैंक लॉकर के कागजात तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। आभूषणों का अधिकृत मूल्यांकन कराया जा रहा है।

2021 में हुए थे सेवानिवृत्त

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक द्विजेन्द्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2023 से वे आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शिक्षा विभाग में टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड, पूर्णिया में कार्यपालक अभियंता के पद पर सेवा दे रहे थे।पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की तलाशी और अनुसंधान जारी है।

इस साल 96 ट्रैप कार्रवाई, 96 आरोपी गिरफ्तार

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक 104 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें 96 ट्रैप कांड हैं और कार्रवाई के दौरान अब तक 96 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 36.13 लाख रुपये रिश्वत बरामद की गई है।

ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक औसतन 11.8 ट्रैप कांड प्रतिमाह दर्ज हुए हैं। पिछले वर्ष यह औसत 8.4 कांड प्रतिमाह था। इस लिहाज से इस वर्ष ट्रैप कार्रवाई में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कहा है कि यदि कोई लोक सेवक रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत समय पर ब्यूरो से की जा सकती है।