लहेरियासराय थाने की कमान अब चंद्रकांत गौरी के हाथ, अमित कुमार लाइन क्लोज,
दो माह पहले विशेष शाखा में हो चुका था चयन, पुलिस पदाधिकारियों की कमी के कारण नहीं हो पा रहे थे विरमित
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने लहेरियासराय थानाध्यक्ष( पुलिस निरीक्षक )अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, दरभंगा भेज दिया है,वहीं लहेरियासराय थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत गौरी को नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।दोनों ही पुलिस पदाधिकारी 2009बैच के इंस्पेक्टर हें।
बताया जाता है कि अमित कुमार का करीब दो माह पूर्व ही दरभंगा जिला बल से विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय में चयन हो गया था। हालांकि, जिले में पुलिस पदाधिकारियों की कमी के कारण उन्हें तत्काल विरमित नहीं किया जा रहा था । इस बीच वे पिछले करीब दो माह से अस्वस्थ भी चल रहे थे, जिस कारण वें लगातार मानसिक परेशानी को भी झेल रहें थे।
तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार
इन परिस्थितियों को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने अमित कुमार को पुलिस केंद्र भेजते हुए लहेरियासराय थाना की जिम्मेदारी वहीं के पर्यवेक्षी पदाधिकारी चंद्रकांत गौरी को सौंप दी है। माना जा रहा है कि इस बदलाव का उद्देश्य थाना के कामकाज को सुचारु बनाए रखना और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देना है।
ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में अमित कुमार की बनी पहचान
लहेरियासराय थानाध्यक्ष के रूप में अमित कुमार का कार्यकाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा में रहा। अपने व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए उनकी अलग पहचान बनी। थाना आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और पुलिसिंग को बेहतर तरीके से संचालित करने के कारण क्षेत्र के लोगों में उनके प्रति सकारात्मक भाव रहा।यही नहीं बेहतर पुलिसिंग के लिये भी इस क्षेत्र में उनका बड़ा नाम रहा हें।
अमित कुमार के स्थानांतरण की खबर से उनके कार्यकाल को याद करते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि ईमानदार, नेक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी का मिलना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। स्थानीय लोग कहते हें कि लहेरियासराय थाना में उनके कार्यकाल लंबे समय तक याद रखें जाएंगे।
वहीं, अब लहेरियासराय थाना की नई जिम्मेदारी संभालने वाले चंद्रकांत गौरी के सामने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की चुनौती होगी।