साइबर थाना दरभंगा की बड़ी कामयाबी, ठगी के 87 हजार रुपये पीड़ित के खाते में कराए वापस

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

साइबर अपराध के खिलाफ दरभंगा पुलिस की सक्रियता लगातार रंग ला रही है। साइबर थाना दरभंगा की तत्परता और तकनीकी टीम की प्रभावी कार्रवाई से साइबर थाना कांड संख्या-32/23 में ठगी की गई 87 हजार रुपये की पूरी राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा वादी के बैंक खाते से कुल 87,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना दरभंगा की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। अनुसंधान के साथ-साथ तकनीकी स्तर पर भी लगातार प्रयास किया गया। साइबर थाना के अनुसंधानकर्ता एवं तकनीकी कर्मियों ने संबंधित बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण करते हुए राशि को ट्रेस करने की दिशा में कार्रवाई की।

पुलिस के लगातार प्रयास के परिणामस्वरूप ठगी की गई पूरी 87 हजार रुपये की राशि पीड़ित के खाते में रिफंड करा दी गई। साइबर अपराध के मामलों में ठगी की रकम वापस कराना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और त्वरित पुलिस कार्रवाई राशि की वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

साइबर थाना की सक्रियता बनी भरोसे की वजह

दरभंगा में साइबर अपराध से जुड़े मामलों के निष्पादन में साइबर थाना लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। साइबर ठगी के मामलों में तकनीकी अनुसंधान, बैंकिंग लेनदेन की निगरानी और संबंधित एजेंसियों से समन्वय के जरिए पीड़ितों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

साइबर थाना के थानाध्यक्ष सह डीएसपी बिपिन बिहारी की सक्रिय निगरानी में साइबर अपराध से जुड़े मामलों के अनुसंधान और कार्रवाई को गति मिल रही है। विशेष रूप से ठगी के मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई और राशि वापस कराने की दिशा में साइबर थाना की कार्यशैली सराहनीय रही है।

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दरभंगा साइबर थाना की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस और संबंधित साइबर हेल्पलाइन को सूचना देना चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को रोकने अथवा वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।87 हजार रुपये की पूरी राशि वापस कराकर साइबर थाना दरभंगा ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीकी दक्षता, त्वरित अनुसंधान और सक्रिय पुलिसिंग के जरिए साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।