फरक्का संधि पर बिहार के हितों की अनदेखी नहीं हो : सुशील चौधरी
फरक्का संधि पर बिहार के हितों की अनदेखी नहीं हो : सुशील चौधरी
फरक्का संधि पर बिहार के हितों की अनदेखी नहीं हो : सुशील चौधरी
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
फरक्का संधि और गंगा जल बंटवारे के मुद्दे पर बिहार के हितों को प्राथमिकता देने की मांग तेज हो गई है। जदयू विधि प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार चौधरी ने कहा कि राज्यसभा सांसद एवं जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने संसद में बिहार के जल अधिकार और गंगा नदी से जुड़ी समस्याओं को मजबूती से उठाकर राज्य के हितों की आवाज बुलंद की है।
उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि की अवधि आगामी 12 दिसंबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में संधि के नवीकरण से पहले बिहार की चिंताओं और जरूरतों का गंभीरता से आकलन किया जाना जरूरी है। खासकर कम प्रवाह वाले समय में जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था से बिहार को होने वाले नुकसान पर विचार किया जाना चाहिए।
चौधरी ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमा होने और नदी की वहन क्षमता प्रभावित होने की समस्या भी बिहार के लिए गंभीर है। इसका असर बाढ़ की स्थिति पर पड़ता है और गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे बड़े भू-भाग को नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गंगा जल बंटवारे का मामला सिर्फ भारत और बांग्लादेश के बीच पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध बिहार के जल संसाधन, नदी तंत्र और बाढ़ प्रबंधन से है। इसलिए भविष्य की किसी भी व्यवस्था में बिहार के हितों को केंद्र में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संसद में बिहार की इस महत्वपूर्ण चिंता को उठाने और केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने के लिए संजय झा का प्रयास सराहनीय है।