उर्वरक बिक्री की नई डिजिटल व्यवस्था लागू, ओटीपी और क्यूआर कोड से होगी खरीद

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

उर्वरक की बिक्री और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के लिए जिले में खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली के तहत नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत किसान अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद जारी क्यूआर कोड या टोकन के माध्यम से निर्धारित दर पर उर्वरक का उठाव किया जा सकेगा।

फार्मर आईडी वाले किसान मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे। वहीं, जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी नहीं बनी है, वे आधार नंबर और ओटीपी या फेस प्रमाणीकरण के जरिए भी प्रणाली में प्रवेश कर सकेंगे। किसान अपने खेसरा और फसल का चयन करने के बाद अनुशंसित मात्रा के अनुसार उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे।

बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को क्यूआर कोड या टोकन मिलेगा, जो 72 घंटे तक वैध रहेगा। इस अवधि में उर्वरक का उठाव नहीं करने पर टोकन स्वत: निरस्त हो जाएगा और किसान को दोबारा बुकिंग करनी होगी।

उर्वरक विक्रेताओं को अपनी पीओएस मशीन अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। किसान क्यूआर कोड लेकर अधिकृत विक्रेता के पास जाएंगे, जहां मशीन से कोड स्कैन करने के बाद निर्धारित दर और मात्रा के अनुसार उर्वरक दिया जाएगा। इससे बिक्री और वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।

किसान स्वयं एफएफएस ऐप के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर, वसुधा केंद्र, एफपीओ, पैक्स, स्वयं सहायता समूह, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उर्वरक से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत से जिला स्तर तक शिकायत निवारण व्यवस्था भी की गई है। प्राप्त शिकायतों का दो से सात कार्य दिवस में समाधान कराने की व्यवस्था है।

जिले में 1.62 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री

कृषि विभाग की एग्रीस्टैक परियोजना के तहत दरभंगा जिले में अब तक 1,62,853 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। इससे किसानों की कृषि संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से व्यवस्थित होने के साथ मांग के आधार पर उर्वरक और अन्य कृषि सुविधाओं की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

प्रखंडवार फार्मर आईडी की स्थिति में बहेड़ी में 14,502, सिंहवाड़ा में 12,583, दरभंगा में 12,555, बिरौल में 11,844 और केवटी में 11,731 किसानों की रजिस्ट्री की गई है। बेनीपुर में 9,947, जाले में 9,447, मनीगाछी में 9,114, कुशेश्वरस्थान में 9,079, अलीनगर में 7,871, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 6,955, हायाघाट में 6,819, गौड़ाबौराम में 6,769, हनुमाननगर में 6,500, घनश्यामपुर में 6,375, तारडीह में 5,761 और किरतपुर में 4,528 किसानों की फार्मर आईडी जारी की गई है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे निकटतम सीएससी, वसुधा केंद्र, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, एफपीओ या पैक्स के माध्यम से पंजीकरण कराएं। इसके लिए आधार कार्ड और भूमि संबंधी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराना होगा।

नई डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक की मांग, बुकिंग और वितरण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को लंबी कतार, अनावश्यक भाग-दौड़ और बिचौलियों से राहत मिलने की उम्मीद है।