राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को दरभंगा जिला कांग्रेस कमेटी अर्बन के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन के नेतृत्व में निकला मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर ब्रह्मस्थान, लहेरियासराय तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कार्यकर्ताओं ने “राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर वापस लो”, “नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद”, “राहुल गांधी जिंदाबाद” और “कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद” के नारे लगाए। मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चित्र का दहन कर विरोध जताया।

एफआईआर से डरने वाली नहीं कांग्रेस : जमाल

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने की घटना बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक है। कांग्रेस ने इस घटना का देशभर में विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा की इस मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाई।

उन्होंने कहा कि भाजपा की कथित दलित विरोधी और सांप्रदायिक मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाने पर राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है।

डॉ. जमाल हसन ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पूरे मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में की जा रही ऐसी कार्रवाई लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक है।

एफआईआर वापस नहीं हुई तो सड़क से दिल्ली तक आंदोलन

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए। साथ ही हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने वाले लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाए। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की कथित नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ सड़क से लेकर दिल्ली तक संघर्ष करेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। राजनीतिक दबाव या डराने-धमकाने की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।

मार्च में वरिष्ठ कांग्रेस नेता दयानंद पासवान, रामपुकार चौधरी, इंद्रकांत चौधरी, एहसान सिद्दीकी, प्रिंस परवेज, उदित नारायण चौधरी, राघवेंद्र कुंवर, अरशद खान, बसंत झा, शादाब अतिकी, बिमलेंदु ठाकुर, एजाज खान, शिबली नोमानी, मो. अंसार हसन, लखन कुमार, मो. नौशाद अली, मो. शफी, मिथिलेश यादव और मो. वसीम अहमद समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।