बिरौल-बहेड़ी सीमा पर प्रतिबंधित पशु का खाल ले जाते लोगों ने पकड़ा, वरीय अधिकारी बुलाने की मांग को लेकर दो घंटे सड़क किया जाम

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल-बहेड़ी सीमा अंतर्गत बंदा चौक के पास शनिवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक ऑटो से ले जाया जा रहा प्रतिबंधित पशु का खाल पकड़ लिया। घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग आक्रोशित हो गए और मुख्य मार्ग को जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। और वरीय अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। मामले की जानकारी मिलते ही जगन्नाथपुर पुलिस पोस्ट के प्रभारी अनिल तिवारी ने तुरंत इसकी सूचना बिरौल थानाध्यक्ष चन्द्र मणि को दी।मामले की संवेदनशीलता और बिगड़ते माहौल को देखते हुए बिरौल के एसडीएम शशांक राज तथा अनुमंडल पुलिस अधिकारी प्रभाकर तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर और न्यायोचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। ग्रामीणों ने मौके पर ही इस तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को ऑटो से साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिसिया पूछताछ में अफरोज आलम ने खुलासा किया कि प्रतिबंधित पशु का खाल को बहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित मोडगाह गांव के सबेतुल्लाह के यहां बुचरखान है। यहां से बीआर07पीए 9193 नम्बर के ऑटो पर लोड कर सहरसा ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बंदा चौक पर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने पीछा कर ऑटो को दबोच लिया। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के निर्देश पर तुरंत पशु चिकित्सक डॉ.प्रशांत कुमार को मौके पर बुलाकर जब्त खाल की जांच कराई गई। पशु चिकित्सक ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि जब्त खाल गौवंशीय (गाय एवं बछड़ा) का हैं। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सुपूर्द किया गया दो लोगों की पहचान अफरोज आलम और सकील, ग्राम भेलाही, जिला सहरसा के रूप में किया गया है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। मौके पर पुनि पर्यवेक्षी पदाधिकारी अमृत लाल वर्मन,थानाध्यक्ष चन्द्र मणि,अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार,एएसआई प्रेम प्रकाश राय,पीएसआई भार्गवी कुमारी सहित बहेड़ी और शिवाजी नगर के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल मौजूद थे।