नव नियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को एसएसपी ने पढ़ाया कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा का पाठ
नव नियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को एसएसपी ने पढ़ाया कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा का पाठ
नव नियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को एसएसपी ने पढ़ाया कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा का पाठ
दरभंगा, हिन्दुस्तान संवाददाता।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने शनिवार को अपने कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों का उत्साह बढ़ाते हुए पुलिस की वर्दी की गरिमा, कर्तव्य के प्रति समर्पण और आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार को पुलिस सेवा की बुनियाद बताया।
एसएसपी ने प्रशिक्षु सिपाहियों को पुलिस परिवार में शामिल होने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी और जनता के प्रति जवाबदेही का भी प्रतीक है। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध की रोकथाम और आम लोगों की सुरक्षा को सिपाही का प्रमुख दायित्व बताया।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार सीधे तौर पर पुलिस की छवि को प्रभावित करता है। इसलिए आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हुए उनके साथ विनम्र, संवेदनशील और निष्पक्ष व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों को ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की सीख दी।
एसएसपी ने अनुशासन को पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा चुनौतियों से भरी है, लेकिन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का यह महत्वपूर्ण अवसर भी है। हर परिस्थिति में धैर्य रखते हुए सत्य और न्याय के रास्ते पर चलना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों को आधुनिक पुलिसिंग और नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए भी प्रेरित किया। कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग के तौर-तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। तकनीक का बेहतर उपयोग अपराध की रोकथाम, अनुसंधान और पुलिस कार्यों में दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।एसएसपी ने प्रशिक्षु सिपाहियों से अपील की कि वे वर्दी की गरिमा बनाए रखते हुए ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनता की सेवा करें।