राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के जयंती पर जगह-जगह कार्यक्रम किया गया आयोजित, उपस्थित लोगों ने राष्ट्र पिता के बताए मार्ग पर चलने का लिया संकल्प।

खादी भंडार बिरौल के जिर्णोद्धार के लिए एक शिष्ट मंडल एसडीओ से मिल कर रखेंगे यहां की समस्या

पुरूष जो भी करें लेकिन महिलाओं के सहयोग के बगैर विकसित समाज की परिकल्पना करना संभव नहीं–कुमारी निरमा।

बिरौल/दरभंगा।

प्रखंड के खादी ग्रामोद्योग संघ के परिसर में स्थानीय गणमान्य लोगों ने उपस्थित हो कर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के फोटो पर पुष्प एवं माल्यार्पण कर उनका जयंती मनाया। इस दौरान उपस्थित लोगों में राजकुमार सिंह,रघुनाथ झा,इन्द्र मोहन सिंह,पप्पू नायक, अभिजीत कुमार,इन्द्र भुषण प्रधान, रंजीत भगत,मनोज साह सहित कई लोगों ने महात्मा गांधी के विचारों को रखा। उसके बाद वर्षों पुराना गांधी संस्थान का खादी भंडार के जिर्णोद्धार के एक शिष्ट मंडल जल्द ही एसडीओ उमेश कुमार भारती से मिल कर एक मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। दुसरी ओर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक ऋचा गार्गी के मार्गदर्शन एवं प्रखंड परियोजना प्रबंधक आमोद कुमार शर्मा के अनुश्रवन में प्रखंड परियोजना क्रियान्वयन इकाई, जीविका बिरौल के द्वारा संचालित प्रखंड के पृथ्वी, प्रेरणा, सफल, हर्ष, वसंत,जीवन ज्योति संकुल स्तरीय संघ की बैठक कर बापू के आदर्शो पर चलकर समाज के बीच स्वक्षता अभियान चलाने,स्वयं सहायता समूह की नियमित बैठक में अष्ट सूत्रा का पालन करने, प्रत्येकजीविका दीदीयों को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही राष्ट्र पिता के बताये मार्गो पर चलने का संकल्प लिया। प्रेरणा सी एल एफ में बैठक को संबोधित करते हुए सामुदायिक समन्वयक कुमारी निरमा ने कहा कि दीदीयां पहले समाज के सवल लोगों के सामने कर्ज के लिए हाथ पसराते परंतु अब वे कर्ज की स्वीकृति के साथ ही सामाजिक विकास कार्यो भागीदारी भी निभाती है तथा पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती है।उन्होंने कहा कि पुरूष जो भी करें लेकिन महिलाओं के सहयोग के बगैर विकसित समाज की परिकल्पना करना संभव नही। बैठक में वित्तीय उपयोग का अनुश्रवण सख्ती से करने,अप्रशिक्षित कैडरों को क्षमता संबर्धन प्रशिक्षण दिलवाने, घर घर ठोस एवं गिले कचरे के प्रबंधन करने, तथा सामाजिक कार्यो मे बढ़ चढ़ कर हिसा लेन के साथ ही दर्जनों निर्णय लिये गये। मौके पर हीरा देवी, पृति देवी,रीता देवी, झुना देवी, गुरिया देवी, कमली देवी, सहित दर्जनों दीदीयां ने उपस्थित थी।