ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सर्वाधिक पुराने सीएम लॉ कॉलेज की मान्यता पर लटकी बीसीआई की तलवार।

दरभंगा/विधि संवाददाता

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालय का भौतिक निरीक्षण से पूर्व यदि बीसीआई के मानक के अनुरूप विधि महाविद्यालय में विधि योग्यताधारी पूर्णकालिक प्राचार्य, विधि डिग्रीधारी पुर्णकालिक शिक्षक एवं आवश्यक मुलभूत भवन संरचना की ब्यवस्था नहीं की जाती है तो इसकी मान्यता खतरे में पर जायेगी।बार काउंसिल ऑफ इण्डिया ने पत्रांक 5153 दि. 4 अगस्त 26 को देश के सभी कुलपति को पत्र जारी कर देश के सभी विधि शिक्षण संस्थाओं का मानक के अनुकूल भौतिक निरीक्षण सत्यापन प्रतिवेदन तलव किया है।ताकि विधि शिक्षा के लिए संबद्धता जारी रखा जा सके या संबद्धता खंडित किया जा सके। इससे चिन्तित जिला के अधिवक्ताओं ने बिहार के कुलाधिपति और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति को स्मार पत्र भेजकर मिथिला के ऐतिहासिक सीएम लॉ कॉलेज की अस्मिता बचाने की मांग किया है। प्रेषित स्मार पत्र में अंकित किया है कि आजादी से पूर्व वर्ष 1944/45 में बैचलर ऑफ लॉ कि यहां पढ़ाई शुरू की गई। वर्ष 1971 ई० से सत्र 2010- 11 तक लगातार एल एल बी. कोर्स में 320 छात्रों का नामांकन और पढ़ाई होती रही। बी.सी.आई. के मानक के अनुरूप इस विधि महाविद्यालय में पूर्णकालिक प्रार्चाय, 11 पूर्णकालिक शिक्षक का पदस्थापन नहीं किये जाने तथा वर्ग संचालन के लिए वांछित आधार भूत संरचना के अभाव में ल.ना.मि.वि. विश्वविद्यालय दरभंगा का यह अंगीभूत ईकाई सी.एम. लॉ.कॉलेज में वर्ष 2021 से 2024 /25 तक छात्रों के नामांकन पर रोक लगा दी गई। बी.सी.आई के निरीक्षण के पश्चात सत्र 2025/26 में मात्र 60 छात्रों के नामांकन की सर्शत अनुमति दी गई है और छात्रों की पढ़ाई हो रही है। स्मार पत्र में अंकित है कि कॉलेज में पूर्ण कालिक विधि डिग्रीधारी प्राचार्य , पूर्णकालिक विधि डिग्रीधारी शिक्षकों की पदस्थापना और आधार भूत संरचना के साथ- साथ आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करना विश्वविद्यालय प्रशासन का कर्तव्य और नैतिक दायित्व है। इस विधि महा विधालय की पुरानी गरिमा को बहाल करने और मिथिला के छात्रों को लॉ की पढ़ाई से वंचित नहीं किये जाने हेतु अपने स्तर से पहल कर सी.एम.लॉ.‌ कॉलेज दरभंगा में बी.सी.आई.‌ के मानक के अनुरूप पूर्णकालिक विधि डिग्रीधारी प्राचार्य, विधि डिग्रीधारी पुर्णकालिक शिक्षकों की पदस्थापना और शिक्षण कार्य के लिए आधारभूत भवन संरचना का निर्माण कराकर कॉलेज में पूर्व से स्वीकृत संख्या 320 छात्रों के नामांकन का मार्ग प्रशस्त कराने की मांग किया है। स्मार पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले में अधिवक्ता सुधीर कुमार चौधरी, विजय नारायण चौधरी, बिरेन्द्र कुमार सिंह अनिल कुमार मिश्रा, बुलन कुमार झा, कुमार उत्तम, मुरारी लाल केवट, सनोज कुमार, मनोज कुमार,हीरानंद मिश्रा,संपुर्णानंद झा सहित दर्जनों से अधिक अधिवक्ताओं का हस्ताक्षर है।