दरभंगा में बाढ़ का खतरा नहीं, नदियां खतरे के निशान से नीचे, एडीएम ने कहा -घबराएं नहीं, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
दरभंगा में बाढ़ का खतरा नहीं, नदियां खतरे के निशान से नीचे, एडीएम ने कहा -घबराएं नहीं, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
दरभंगा में बाढ़ का खतरा नहीं, नदियां खतरे के निशान से नीचे,
एडीएम ने कहा -घबराएं नहीं, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने के बाद नदियों में बढ़े जलप्रवाह और बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर दरभंगा जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन के अनुसार दरभंगा में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है और जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन के साथ विशेष फेसबुक लाइव में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि ग्लेशियर झील फटने का असर गंडक नदी से जुड़े कुछ जिलों में पड़ने की सूचना है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर के कुछ हिस्से और वैशाली के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन दरभंगा फिलहाल इससे अछूता है।
एडीएम ने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और घबराने के बजाय सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि जून से अक्टूबर तक जिले की नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाती है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर प्रतिदिन नजर रखी जा रही है। बागमती और अधवारा समूह की नदियों सहित विभिन्न स्थानों पर जलस्तर की निगरानी हो रही है।
11 तटबंधों की लगातार निगरानी
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों के संबंध में एडीएम ने बताया कि जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर जून से अक्टूबर तक लगातार काम किया जाता है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिन-रात पेट्रोलिंग की व्यवस्था है। तटबंधों पर सैंड बैग और जियोबैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्लुइस गेट के रखरखाव के साथ पुल-पुलियों के वेंट की सफाई भी कराई जाती है।
जिले में जल संसाधन विभाग की पांच इकाइयां कार्यरत हैं और कुल 11 तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन खतरे के निशान के साथ पिछले वर्षों में दर्ज उच्चतम जलस्तर पर भी नजर रख रहा है।
जिले में एसडीआरएफ की टीम मौजूद
एडीएम ने बताया कि फिलहाल एनडीआरएफ की टीम दरभंगा में मौजूद नहीं है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर से एनडीआरएफ उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। वहीं एसडीआरएफ के करीब 28 से 30 जवानों की टीम जिले में मौजूद है। टीम को पैठान कवई, मनीगाछी में रखा गया है और आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग किया जा रहा है।
190 निजी नावों का निबंधन
बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने पूर्व तैयारी कर रखी है। हर साल बाढ़ से निपटने के लिए अनुदेश पुस्तिका तैयार की जाती है। इसमें वृद्ध, दिव्यांगजन और गर्भवती महिलाओं समेत जरूरतमंद लोगों की सुरक्षित निकासी की योजना भी शामिल रहती है।
एडीएम के अनुसार निजी नाव मालिकों से करीब 190 नावों का निबंधन कराया जा चुका है। वर्ष 2024 की बाढ़ के दौरान 137 नावों का संचालन किया गया था। फिलहाल तीन-चार प्रखंडों में आवश्यकता के अनुसार नावों का परिचालन भी किया जा रहा है।
सामान्य से 53 प्रतिशत कम बारिश
जिले में वर्षापात की स्थिति भी फिलहाल सामान्य से काफी कम है। एडीएम ने बताया कि सामान्य वर्षापात की तुलना में दरभंगा में करीब 53 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की जा रही है। वर्तमान में दरभंगा कम वर्षापात वाले जिलों में शामिल है।
एडीएम सलीम अख्तर ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क और तैयार रहना जरूरी है। जिला पदाधिकारी के निर्देशन में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। जल संसाधन विभाग के अभियंता और कर्मी दिन-रात तटबंधों एवं नदियों की निगरानी कर रहे हैं।