मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास और साप्ताहिक परीक्षा पर जोर, डीएम ने दिए कई निर्देश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिले के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूलों) में शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की। समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कई आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और सभी मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।

डीएम ने सभी विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के साथ आवश्यक आधारभूत संरचना, शैक्षणिक उपकरण और अन्य सुविधाओं का आकलन कर उनकी कमी दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने मॉडल स्कूलों में लाइव कक्षाओं की तैयारी पूरी करने, स्मार्ट कक्षाओं को प्रभावी बनाने तथा प्रयोगशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित निगरानी के लिए हर सप्ताह परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि नियमित परीक्षा और मूल्यांकन से विषयवार विद्यार्थियों की प्रगति का पता चलेगा और कमजोर विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक सहयोग दिया जा सकेगा।

विद्यालयों में स्वच्छता और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी माध्यमों से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया।

डीएम ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों के साथ लगातार बैठक आयोजित करने को कहा। उन्होंने शिक्षकों को विषय और कक्षा के अनुसार व्यवस्थित नोटबुक एवं शैक्षणिक अभिलेख तैयार रखने का निर्देश दिया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने के लिए निबंध, चित्रकला, भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने को कहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समारोह आयोजित कर सम्मानित करने का भी निर्देश दिया गया।

मॉडल स्कूलों की नियमित निगरानी के लिए डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण कराया जाए।

डीएम ने ‘बिहार विद्या साथी’ एप के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन और संवादात्मक शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने को कहा।

उन्होंने प्रधानाध्यापकों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। डीएम ने लक्ष्य रखा कि मॉडल स्कूलों के अधिक से अधिक विद्यार्थी आईआईटी और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) को जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी और प्रधानाध्यापक समन्वय के साथ काम करें। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाए।