नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास, 50 हजार जुर्माना
नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास, 50 हजार जुर्माना
नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास, 50 हजार जुर्माना
दरभंगा/विधि संवाददाता
दरभंगा जिला के पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने गुरुवार को भालपट्टी थानाक्षेत्र के भालपट्टी निवासी स्व. मोती मंडल के पुत्र अनिरुद्ध मंडल को आजीवन सश्रम कारावास और पचास हजार रुपये अर्थथदंड की सजा सुनाई है।वहीं पीड़िता को पुनर्वास के लिए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का आदेश पारित किया है।यह प्रतिकर सहायता राशि का भुगतान जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के माध्यम से किया जायेगा।पॉक्सो के स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने बताया कि अभियुक्त ने दादा दादी की अनुपस्थिति में बिना मां के असहाय बच्ची के साथ दूष्कर्म किया और गर्भवती बना दिया।चाईल्ड लाईन की मदद से इसकी प्राथमिकी महिला थाना. में कांड संख्या 72/22 दर्ज हुई।कोर्ट में इस मामले का बिचारण जीआर नं. 102/23 के तहत प्रारंभ हुआ।अनुसंधान के दौरान पीड़िता के शिशु और अभियुक्त का डीएनए जांच कराया गया, तो दोनो का समान पाया गया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से न्यायालय में सात गवाहों की गवाही करायी गई। अदालत ने इस मामले की सुनवाई पुरी कर गत 19 अगस्त को हीं आभियुक्त को दोषी घोषित किया था।गुरुवार को अदालत ने अभियोजन और वचाव पक्ष का वहश सुनने तथा अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन परिशीलन के बाद नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने के लिए दोषी ठहराये गये दुष्कर्मी को पॉक्सो ऐक्ट की धारा 6 में आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।जूर्मी घटना के बाद से हीं जेल में कैद है।इस कांड में अनुसंधानक तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष नुसरत जहां की वैज्ञानिक अनुसंधान काबिले तारीफ रही।
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