दरभंगा में निर्यातक कार्यशाला, उद्यमियों को निर्यात नीति और योजनाओं की दी गई जानकारी
दरभंगा में निर्यातक कार्यशाला, उद्यमियों को निर्यात नीति और योजनाओं की दी गई जानकारी
दरभंगा में निर्यातक कार्यशाला, उद्यमियों को निर्यात नीति और योजनाओं की दी गई जानकारी
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
समाहरणालय परिसर स्थित अंबेदकर सभागार में बुधवार को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), भारत सरकार, क्षेत्रीय प्राधिकरण कोलकाता के तत्वावधान में निर्यातक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के प्रमुख निर्यातकों एवं उद्यमियों को भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति-2023, निर्यात संवर्धन योजनाओं, प्रक्रियाओं और डिजिटल सुविधाओं की जानकारी देकर निर्यात के क्षेत्र में उन्हें अधिक सक्षम बनाना था।
कार्यशाला में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विदेश व्यापार नीति-2023 की प्रमुख विशेषताओं, नई योजनाओं, प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा निर्यात संवर्धन से जुड़ी डिजिटल पहलों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकार निर्यातकों के लिए व्यापार प्रक्रिया को सरल, तेज और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
निर्यात संवर्धन योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यशाला में निर्यात उत्पादों पर शुल्क एवं कर छूट योजना, शुल्क छूट/माफी योजना, निर्यात संवर्धन पूंजीगत माल योजना (ईपीसीजी) तथा स्टेटस होल्डर प्रमाणपत्र सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को योजनाओं की पात्रता, मिलने वाले लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
डीजीएफटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि विदेश व्यापार नीति के तहत 47 प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। निर्यात संवर्धन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित किए जाने से निर्यातकों को समय और लागत की बचत के साथ प्रक्रियागत सुविधा भी मिलेगी।
निर्यातकों की जिज्ञासाओं का किया समाधान
कार्यशाला के दौरान जिले के निर्यातकों एवं उद्यमियों ने निर्यात प्रक्रिया, शुल्क, विभिन्न योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और अन्य संबंधित विषयों पर सवाल पूछे। डीजीएफटी, कोलकाता के प्रतिनिधियों ने उनकी जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि निर्यातकों और उद्यमियों को केंद्र सरकार की नई नीतियों एवं योजनाओं से लगातार अवगत कराने के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने निर्यातकों से उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
ऑनलाइन सेवाओं से मिलेगी विशेषज्ञों की सहायता
कार्यशाला में डीजीएफटी की ऑनलाइन सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि निर्यातक एवं उद्यमी कार्य दिवस में ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिले के प्रमुख मखाना निर्यातक, उद्यमी एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला के माध्यम से जिले के निर्यातकों एवं उद्यमियों को निर्यात संवर्धन की नीतियों और योजनाओं के साथ-साथ डिजिटल सुविधाओं तथा संस्थागत सहयोग की जानकारी मिली। इससे जिले में मखाना सहित अन्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।