समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना से मंगलसूत्र छिनतई का आरोपित दिन के उजाले में खिड़की तोड़कर फरार ,फरार होने की भनक से थाना पुलिस में मची अफरातफरी ,पुलिसिया कार्यशैली पर उठ रहे हे प्रश्न,यह कैसा थानेदार ??

दस्तक 7 मीडिया /संजय कुमार राय 

समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना से एक बड़ी खबर आ रही हे ,मंगलसूत्र छीनतेय के मामले में धराये दो आरोपितों में से एक आरोपी के फरार हो जाने की सूचना हे ,और थानाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हे ?

सूत्रों का कहना हे कि एक महिला के मंगलसूत्र छीनतेय मामले में रोसड़ा थाना की पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा गया हे ,जिससे पूछताछ की जा रही हे।सूत्रों का कहना हे कि आरोपियों को सिरिस्ता में रखा गया था ?सूत्र बताते हे कि  गिरफ्तार आरोपितों में शामिल बादल कुमार थाना के सिरिस्ता कक्ष की खिड़की तोड़कर बाहर निकला और थाना परिसर की चारदीवारी फांदकर फरार हो गया।बादल के फरार होने की सूचना मिलते ही पुरा थाना परिसर में हड़कंप मच गया और थानाध्यक्ष सन्न रह गये।हालांकि इस घटना के बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी हे ?

बताया जाता है कि रोसड़ा पुलिस ने सोमवार को मंगलसूत्र छिनतई मामले का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को उम्मीद थी कि दोनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर छिनतई की अन्य घटनाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसी बीच गिरफ्तार आरोपित बादल कुमार के थाना परिसर से फरार हो जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

थानेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

थाना परिसर में पुलिस की निगरानी के बीच एक गिरफ्तार आरोपित का खिड़की तोड़कर भाग निकलना अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। आरोपित को किस स्तर की निगरानी में रखा गया था, सिरिस्ता कक्ष में उसे रखने की व्यवस्था क्यों की गई और उस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे, इन तमाम बिंदुओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं,सवाल यह भी हे कि उसे हाजत में बंद क्यों नहीं किया गया ,इसे लेकर तरह तरह की चर्चाएं भी हो रही हे।खास तौर पर थाना परिसर से ही आरोपित के फरार होने की घटना के बाद थानाध्यक्ष की निगरानी और नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपित की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करना थाना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में आरोपित के फरार होने से पुलिस की लापरवाही की आशंका को लेकर भी चर्चा है।

अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर फरार आरोपित बादल कुमार की गिरफ्तारी हे , वहीं दूसरी ओर यह भी पता लगाना होगा कि आखिर थाना परिसर जैसी सुरक्षित जगह से आरोपित कैसे फरार हो गया। घटना में किस पुलिसकर्मी की लापरवाही रही या आरोपित ने सुरक्षा व्यवस्था की किसी कमजोरी का फायदा उठाया, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी ?यही नहीं रोसड़ा जैसे महत्वपूर्ण थाने में ऐसे लापरवाह थानेदार का बना रहना भी पुलिस के लिये चुनौती हे और बदनामी भी।

मजेदार बात तों यह हे कि दिन में ही गिरफ्तारी को लेकर प्रेस वार्ता की गई और कुछ ही समय बाद आरोपित फरार।जब इस पत्रकार ने इसे लेकर अपने मोबाईल से रोसड़ा थानाध्यक्ष के सरकारी नंबर 9031827436 पर रात के 10बजकर 18मिनट पर फोन किया तों उन्होंने फोन जरूर उठाया लेकिन यह सवाल पूछने पर कि आपके यहां से मंगलसूत्र छीनतेय मामले का एक आरोपी, क्या फरार हो गया ,तों थानाध्यक्ष लालबाबू ने कहा  कि आपको कौन बताया और फोन काट दिया।