दस्तक 7 मीडिया की खबर पर फिर लगी मुहर! सीसीटीवी ने खोला छत से महिला को उठाकर ले जाने के दावे का राज,बलकटवा चोर या भूत प्रेत का साया,या किसी को फसाने की साजिस??

दस्तक 7 मीडिया /संजय कुमार राय 

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में महिला को छत से अज्ञात व्यक्ति द्वारा उठाकर ले जाने और मारपीट करने की सूचना के बाद पुलिस जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस की जांच में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और महिला के बयान में विरोधाभास मिला है। सीसीटीवी फुटेज में घटना के बताए गए समय में महिला छत पर अकेली दिखाई दे रही है, जबकि किसी बाहरी व्यक्ति के छत पर आने या महिला को उठाकर ले जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

इस घटनाक्रम ने दस्तक 7 मीडिया की उन खबरों को फिर चर्चा में ला दिया है, जिनमें डरहार गांव में कथित ‘बालकटवा’ की घटनाओं को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। दस्तक 7 मीडिया ने अपनी पूर्व की रिपोर्टों में सवाल किया था कि यदि काले कपड़ों में चार-पांच लोग गांव में घुसकर महिलाओं और लड़कियों के बाल काटकर चले जाते हैं, तो आखिर किसी ने उन्हें देखा क्यों नहीं? साथ ही घटनाओं के दावों और उनके तरीके को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे।

डरहार गांव में पहले भी दो महिलाओं/लड़कियों के बाल काटे जाने की चर्चा सामने आई थी। कथित तौर पर काले कपड़े पहने लोगों के आने और बाल काटकर चले जाने की बात कही गई थी। इन घटनाओं को लेकर गांव में भय और तरह-तरह की चर्चाएं थीं। दस्तक 7 मीडिया ने लगातार इन घटनाओं के तथ्यों पर सवाल उठाते हुए पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविकता सामने लाने की बात कही थी।

अब करिश्मा कुमारी से जुड़ी ताजा घटना में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच में भी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी का साक्ष्य नहीं मिला है। इससे मामले को लेकर उठाए जा रहे सवाल और गहरे हो गए हैं।

क्या है ताजा मामला

सोमवार दोपहर करीब 12:14 बजे गौरव सुमन, पिता पवन मिश्रा, निवासी डरहार ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर की महिला करिश्मा कुमारी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने छत से उठाकर ले जाकर मारपीट की है। महिला का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है।

सूचना मिलने के बाद बहादुरपुर थानाध्यक्ष ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीएमसीएच पहुंचकर महिला पुलिस पदाधिकारी ने पीड़िता से पूछताछ की। महिला ने पुलिस को बताया कि वह प्रथम तल की छत पर पूजा करने गई थी। इसी दौरान पीछे से किसी व्यक्ति ने गमछे से उसका मुंह बांध दिया और उसे उठाकर ले जाने का आभास हुआ। महिला ने बताया कि उसने उस व्यक्ति को देखा नहीं था।

परिजनों के अनुसार, महिला दूसरे तल की छत पर बेहोशी की हालत में मिली। पुलिस के मुताबिक उसका पैर भी गमछे से बंधा हुआ था।

सीसीटीवी में अकेली दिखी महिला

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में पूर्वाह्न करीब 11:30 से 11:38 बजे तक महिला अकेले छत पर टहलती हुई दिखाई दे रही है। इस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति उसके पास आता-जाता नहीं दिखा।

करीब 11:47 बजे परिवार के सदस्य और अन्य लोग छत पर पहुंचते दिखाई देते हैं तथा महिला को वहां से उठाकर ले जाते हुए नजर आते हैं। पुलिस के अनुसार, फुटेज में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा महिला को उठाकर ले जाने का साक्ष्य नहीं मिला है।

बयान और फुटेज में विरोधाभास

पीड़िता के बयान और सीसीटीवी फुटेज में अंतर सामने आने के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को संदिग्ध माना है। पुलिस अब महिला के बयान, घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट समेत सभी पहलुओं को जोड़कर जांच कर रही है।

दस्तक 7 मीडिया ने पहले ही उठाए थे सवाल

डरहार गांव में कथित ‘बालकटवा’ की घटनाओं को लेकर दस्तक 7 मीडिया ने अपनी रिपोर्टों में सवाल उठाया था कि आखिर बिना किसी बाहरी व्यक्ति के पकड़े या देखे जाने के ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं। रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया था कि बाल काटने के लिए इस्तेमाल किए गए कथित चाकू से एक ही बार में बाल काटना कितना संभव है और इन घटनाओं के पीछे वास्तविक कारण क्या है।

अब ताजा मामले में सीसीटीवी फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी नहीं मिलने के बाद दस्तक 7 मीडिया द्वारा पहले उठाए गए सवालों को एक बार फिर बल मिला है। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम सच्चाई पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

मामले को लेकर सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को पुलिस जांच की जानकारी दी और बताया कि पीड़िता के बयान तथा सीसीटीवी फुटेज में विरोधाभास मिला है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।