अंतिम सोमवारी बाबा गरीबनाथ के दरबार में मंत्री ने चढ़ाया जल, देर रात अस्पताल की बदहाली देख जताई नाराजगी
अंतिम सोमवारी बाबा गरीबनाथ के दरबार में मंत्री ने चढ़ाया जल, देर रात अस्पताल की बदहाली देख जताई नाराजगी
अंतिम सोमवारी बाबा गरीबनाथ के दरबार में मंत्री ने चढ़ाया जल, देर रात अस्पताल की बदहाली देख जताई नाराजगी
दस्तक 7मीडिया ,मुजफ्फरपुर /दीपक कुमार
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सावन मास की अंतिम सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव से राज्यवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका अभिवादन किया, जिसे मंत्री ने स्वीकार किया और सभी को अंतिम सोमवारी की शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद मंत्री ने सीतामढ़ी के पुनौरा धाम पहुंचकर माता जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश और राज्य की उन्नति, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
वहीं, इससे एक दिन पहले 23 अगस्त की देर रात स्वास्थ्य मंत्री ने सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत देखी। अस्पताल में बदहाल व्यवस्था मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदे बेडशीट, साफ-सफाई की कमी, मरीजों के लिए पीने के पानी की अनुपलब्धता और बिजली की समस्या जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। आईसीयू समेत विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब मिले। मंत्री के मांगने के बावजूद डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर भी तत्काल उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
मंत्री ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने सिविल सर्जन की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें कीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन से अस्पताल की कुव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ड्यूटी से गायब डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की सूची मांगी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज, समय पर दवा और निर्बाध आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।