महर्षि चरक जयंती पर आयुर्वेद के वैज्ञानिक विकास का संकल्प ,

सेवानिवृत्त वरीय वैद्य रमेश चंद्र प्रसाद को किया गया सम्मानित, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय पर मंथन

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

विश्व आयुर्वेद परिषद, बिहार मिथिला दरभंगा इकाई की ओर से सोमवार को महर्षि चरक जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में आयुर्वेद के महान प्रणेता एवं चरक संहिता के संपादक आचार्य चरक के स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद किया गया। इस दौरान आयोजित संगोष्ठी में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक शोध और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। समारोह में आयुर्वेद के वैज्ञानिक विकास, जनोपयोगी चिकित्सा तथा नैतिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

समारोह के दौरान महारानी रामेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सारा मोहनपुर, दरभंगा के सेवानिवृत्त वरीय वैद्य एवं प्राध्यापक वैद्य रमेश चंद्र प्रसाद का सम्मान किया गया। वक्ताओं ने उनके लंबे शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।

सभा की अध्यक्षता विश्व आयुर्वेद परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं दरभंगा प्रभारी डॉ. जगत नारायण नायक ने की। मौके पर दरभंगा आरोग्य भारती के संयोजक डॉ. शैलेंद्र लाल दास, वैद्य गणपति नाथ झा, वैद्य महेंद्र लाल दास, वैद्य राजेश्वर दुबे सहित कई आयुर्वेदाचार्यों ने अपने विचार रखे।

मानव झा आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष वैद्य लेखनाथ झा ने अपने प्राध्यापकों के साथ बिताए पुराने शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों से प्राप्त संस्कार और ज्ञान आज भी आयुर्वेद की सेवा के लिए प्रेरणा देते हैं।

समारोह में वैद्य राम बहादुर कामत, वैद्य सुनील कुमार, वैद्य अशोक कुमार गुप्ता, वैद्य सुशील कुमार कर्ण, वैद्य एसके सिन्हा, वैद्य राकेश कुमार, वैद्य आरडी महतो और वैद्य जय ओम प्रसाद सहित बड़ी संख्या में आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।