नई एमवीआर नीति से भूमि अधिग्रहण होगा आसान, परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, ग्रामीण जमीन का मूल्य 1.6 गुना, शहरी व पेरिफेरल क्षेत्र में दोगुना मुआवजा
नई एमवीआर नीति से भूमि अधिग्रहण होगा आसान, परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, ग्रामीण जमीन का मूल्य 1.6 गुना, शहरी व पेरिफेरल क्षेत्र में दोगुना मुआवजा
नई एमवीआर नीति से भूमि अधिग्रहण होगा आसान, परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार,
ग्रामीण जमीन का मूल्य 1.6 गुना, शहरी व पेरिफेरल क्षेत्र में दोगुना मुआवजा
दस्तक 7 मीडिया / पटना।
बिहार सरकार की नई न्यूनतम मूल्य पंजीकरण (एमवीआर) नीति से राज्य में सड़क, रेलवे समेत विभिन्न बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की संशोधित दर व्यवस्था 18 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी है। नई व्यवस्था में भूमि के बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजे की दरों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
नई नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के बाजार मूल्य यानी एमवीआर को 1.6 गुना किया गया है। वहीं शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में एमवीआर को सीधे दो गुना किया गया है। सरकार का उद्देश्य भूमि के मूल्य को लेकर होने वाले विवादों को कम करना और अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
एक मौजा, एक समान दर
नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘एक मौजा, एक समान दर’ का है। पहले जिला मुख्यालय, मुख्य सड़क या अन्य स्थानों से दूरी के आधार पर एक ही मौजा में जमीन की अलग-अलग दरें निर्धारित होती थीं। इससे समान क्षेत्र में जमीन रखने वाले किसानों को अलग-अलग मुआवजा मिलने की स्थिति पैदा होती थी और विवाद बढ़ते थे।
अब एक ही मौजा के भीतर जमीन के लिए समान दर लागू करने का प्रावधान किया गया है। इससे मुआवजे को लेकर होने वाले मतभेद और कानूनी विवाद कम होने की उम्मीद है।
अधिग्रहण में देरी पर लगेगा अंकुश
नई व्यवस्था के तहत अधिसूचना जारी होने की तारीख पर लागू एमवीआर को मुआवजा निर्धारण का आधार माना जाएगा। इससे जमीन मालिकों और सरकारी एजेंसियों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनाने में आसानी होगी। सरकार को उम्मीद है कि पारदर्शी और समान दर लागू होने से भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुकदमों में कमी आएगी।
एनएचएआई, रेलवे और सड़क परियोजनाओं को लाभ
भूमि अधिग्रहण में तेजी का सीधा फायदा राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और राज्य की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मिलने की संभावना है। भूमि समय पर उपलब्ध होने से लंबित परियोजनाओं को गति मिल सकती है। पटना मेट्रो सहित विभिन्न एक्सप्रेसवे और संपर्क सड़क परियोजनाओं के लिए भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नई एमवीआर व्यवस्था भूमि अर्जन अधिनियम, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम और रेलवे अधिनियम के तहत होने वाले आगामी भूमि अधिग्रहण पर लागू होगी। सरकार का लक्ष्य है कि उचित और एक समान मुआवजा व्यवस्था के माध्यम से जमीन अधिग्रहण को कम विवादित बनाकर विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा कराया जा सके।
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