आवास बोर्ड की जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर विवाद,प्रशासन ने तोड़ा निर्माणाधीन पक्का हिस्सा

दस्तक 7मीडिया /गुड्डू राज 

लहेरियासराय स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड के कर्णांकित पार्क-सी में कराए जा रहे कथित अवैध पक्के मंदिर निर्माण पर शनिवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। सदर एसडीओ के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने निर्माणाधीन पक्के हिस्से को ध्वस्त कर दिया।कार्रवाई के दौरान निर्माण स्थल पर मौजूद सामग्री को भी हटाया जा रहा था। अवैध निर्माण हटाने के दौरान किसी तरह का विवाद या विरोध होने की आशंका को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। हालांकि,पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही और निर्माणाधीन पक्के हिस्से को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के लिए सदर एसडीओ की ओर से दंडाधिकारी सह बहादुरपुर राजस्व अधिकारी संजय कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया था। उनके साथ पुलिस पदाधिकारी और जवान भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवास बोर्ड की जमीन पर बिना अनुमति कराए जा रहे निर्माण को हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार,जिस जगह पर अभी मंदिर निर्माण को लेकर विवाद हुआ है, वहां करीब दस वर्ष पहले बरगद और पीपल के पेड़ लगाए गए थे। बाद में दोनों पेड़ों के आसपास चबूतरा बनाया गया। चबूतरे पर धार्मिक मूर्तियां स्थापित की गईं और वहां पूजा-पाठ शुरू हो गया।

आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता ने क्या कहा ?

समय के साथ इस स्थान पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी। स्थानीय लोगों ने पूजा-अर्चना के लिए पुजारी की व्यवस्था भी की। इसके बाद धीरे-धीरे समिति की ओर से यहां मंदिर का पक्का निर्माण कराने का काम शुरू किया गया। मंदिर निर्माण के लिए स्थानीय लोगों से चंदा भी एकत्र किया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदे से मंदिर निर्माण के अलावा धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े दूसरे काम भी कराए जाते रहे। कई अवसरों पर इस स्थल पर धार्मिक कार्यक्रम और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। 2019-20 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बताया गया कि बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से वित्तीय वर्ष 2019-20 के आसपास कथित मंदिर निर्माण समिति के खिलाफ बहादुरपुर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी निर्माण को लेकर विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार,आवास बोर्ड की ओर से समय-समय पर निर्माण कार्य रोकने का दबाव दिया जाता रहा। बोर्ड का कहना था कि उसकी जमीन पर बिना अनुमति पक्का निर्माण कराया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार शनिवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई की।
बताया गया कि बिहार राज्य आवास बोर्ड के अनुरोध पर सदर एसडीओ ने कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण स्थल पर पहुंचकर पक्के हिस्से को तोड़ दिया गया। पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत हुई थी राशि
स्थानीय लोगों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत इस स्थल पर हनुमान मंदिर के निकट स्थित पार्क के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 4 लाख 98 हजार 300 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस संबंध में स्थल पर बोर्ड भी लगाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर निर्माण से जुड़ी समिति की ओर से पार्क के विकास को लेकर भी कई योजनाएं बनाई गई थीं। समिति का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं था,बल्कि पार्क के विकास के साथ दाह संस्कार स्थल और विवाह मंडप बनाने की भी योजना थी। इसी स्थल पर समय-समय पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते थे। इन कार्यक्रमों में सांसद,विधायक,मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवास बोर्ड परिसर में रहने वाले बड़ी संख्या में लोगों का मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों में सहयोग रहा है।
आवास बोर्ड ने बताया अवैध निर्माण बिहार राज्य आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता सुजीत कुमार ने बताया कि कर्णांकित पार्क-सी के दक्षिणी हिस्से में बजरंगबली की मूर्ति स्थापित है। मूर्ति के समीप बिना अनुमति के पक्का निर्माण कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की मदद से अवैध रूप से कराए जा रहे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। निर्माण स्थल पर मौजूद सामग्री को भी हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है। एक ओर स्थानीय लोग लंबे समय से इस स्थान पर पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां संचालित होने की बात कह रहे हैं,वहीं आवास बोर्ड का कहना है कि उसकी जमीन पर बिना अनुमति पक्का निर्माण कराया जा रहा था। इसी विवाद के बीच शनिवार को प्रशासन ने निर्माणाधीन पक्के हिस्से को हटाकर कार्रवाई पूरी की।