दरभंगा के अदालत का बड़ा फैसला :दुष्कर्म के जुर्म में दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं 75 हजार रुपये का अर्थदंड
दरभंगा के अदालत का बड़ा फैसला :दुष्कर्म के जुर्म में दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं 75 हजार रुपये का अर्थदंड
दरभंगा के अदालत का बड़ा फैसला :दुष्कर्म के जुर्म में दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं 75 हजार रुपये का अर्थदंड
दरभंगा/विधि संवाददाता
सिविल कोर्ट दरभंगा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सकतपुर थानाक्षेत्र के बैका निवासी मो. हमीदुल का पुत्र मो. सरताज को दूष्कर्म की जूर्म में दस वर्षों को सश्रम कारावास की सजा सूनाई है।इसके अतिरिक्त अदालत ने दूष्कर्मी को 75 हजार रुपये अर्थथदंड जमा करने का निर्णय सुनाया है।अर्थदंड की राशि नही जमा करने पर जूर्मी को 3 वर्षों का अतिरिक्त कारावास की सजा भूगतनी पड़ेगी।अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे एपीपी चमक लाल पंडित ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले की सूनवाई पुरी कर गत 19 अगस्त को हीं अभियुक्त को भादवि की धारा 376 (दूष्कर्म) की जूर्म में दोषी घोषित करते हुए बंधपत्र खंडित कर जेल भेज दिया था।शनिवार को अदालत ने जूर्मी का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर अभियोजन और बचाव पक्ष का बहश सूनने और वाद अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का गहन परिशीलन के बाद निर्णय सूनाया है।वचाव पक्ष से अभियुक्त के कम उम्र का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने की याचना अदालत से किया।वहीं अभियोजन पक्ष से एपीपी श्री पंडित ने इसे सामाजिक अपराध बताते हुए अधिकतम सजा देने की अपील न्यायालय से किया। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 28 मार्च 22 को अभियुक्त ने एक महिला को छुड़ा का भय दिखाकर जबरन उठाकर घर में लेजाकर दूष्कर्म किया था ।घटना की प्राथमिकी दूष्कर्म के आरोप में सकतपुर थाना में कांड सं.22/22 दर्ज की गई थी।अदालत में इसका बिचारण सत्रवाद सं.349/22 के तहत प्रारंभ हुआ।ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से आईओ,डाक्टर, मजिस्ट्रेट समेत कूल 6 गवाहों की गवाही कराई,और अन्ततः अभियोजन पक्ष अभियुक्त का जूर्म साबित करने में सफल रहा।