सोनकी थाने में एक दशक से अधिक समय से तैनात होमगार्ड के जवान सुशील यादव की डयूटी पर उठे सवाल ?शराब कारोबारियो से सांठ -गांठ और ग्रामीणों के आरोपों के बीच जांच की मांग तेज ?

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

दरभंगा जिला के सोनकी थाना में तैनात होमगार्ड के जवान सुशील यादव को लेकर थाना क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हे।चर्चा यही हे कि होमगार्ड सुशील यादव विगत एक दशक से ऊपर यहां प्रतिनियुक्त हे ,और थाना में लगातार बने हुये हे , इस कारण इनकी दबंगई बनी हुई हे और कई गलत कामों में इनकी संलिप्ता हे।लोग यहां तक कहते हे कि थाना क्षेत्र में अवेध शराब ,गांजा की तस्करी करने वालों से इनका सीधा सांठ-गांठ हे और अवैध वसूली करने में माहिर हे।लोग तों यहां तक कहते हे कि शराब से जुड़े कारोबारी से इनका मासिक फिक्स हे और हर माह पैसों की अवैध उगाही कर आपस में बंदरबांट करते हे।लोग कहते हे कि गुरकी से जो शराब बनाते हे उससे दो से तीन हजार रुपये मासिक वसूला जाता हे वहीं शराब की होम डिलीवरी समेत शराब माफियाओं से पांच से दस हजार तक मासिक वसूली करते हे ,स्थानीय लोंगों द्वारा होम गार्ड के जवान पर लगाए जा रहे आरोप में कितना दम हे  यह तों जांच के बाद ही पता चलेगा।हालांकि होम गार्ड के जवान इस आरोपों को बेबुनियाद और निराधार कह रहे हे।

 

स्थानीय लोग बताते हे कि होमगार्ड श्री यादव की अक्सर प्रतिनियुक्ति एक मंदिर के नाम पर की जाती हे और लगातार थाना में डयूटी बजाते नजर आ जाते हे ,और थाना से संबंधित मामलों में बिचौलियों की भूमिका निभाते हे,इस कारण आय से बहुत ज्यादा इनकी संपति हे जो जांच का विषय हे।होमगार्ड के बड़े अधिकारियों पर भी यह सवाल सटीक बैठती हे कि क्या कारण हे कि होमगार्ड सुशील की प्रतिनियुक्ति एक ही स्थान या उस इलाके में लगातार की जा रही हे ,कहीं इसके एवज में उन्हें भी चढ़ावा तों नहीं मिल रहा हे ??यह भी जांचोंउपरांत ही पता चल सकेगा।

सोनकी थानाध्यक्ष से जब इस बारे में पूछा गया तों उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हे ,उन्हें इस आरोप को लेकर कोई जानकारी नहीं हे ,उन्होंने कहा कि फिलहाल होमगार्ड के  जवान सुशील यादव का कमान विधि व्यवस्था और श्रावणी मेला को लेकर यहां प्रतिनियुक्त हे ,समय अवधि पूरा होने पर इन्हें  वापस कर दिया जाएगा।

फिर से सवाल यही हे कि लगातार दस वर्षों से ऊपर तक सोनकी थाना / क्षेत्र में होमगार्ड के जवान का एक ही जगह प्रतिनियुक्त किया जाना कई सवाल खड़े करता हे ,जो जांच का विषय हे और इससे मंशा स्पष्ट हे ?

कुछ ग्रामीण तों यह भी कहते हे कि इस मामले को लेकर जिला के वरीय पुलिस पदाधिकारियों को भी लिखित सूचना दी गई थीं लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।