मोबाइल जांच में हुई लापरवाही और थाना को सूचना नहीं देना एएसआई को पड़ा महंगा ,वरीय पुलिस अधीक्षक ने एएसआई को किया निलंबित , युवक की मौत के बाद पुलिस पर हमला, एसआईटी को सौंपी गई जांच

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर में गुम मोबाइल की जांच से शुरू हुआ मामला युवक की मौत और पुलिस टीम पर हमले के बाद गंभीर हो गया है। पुलिस की कार्रवाई में लापरवाही के आरोप में जिला आसूचना इकाई में प्रतिनियुक्त सहायक अवर निरीक्षक इन्द्रदेव कुमार को निलंबित कर पुलिस केंद्र में रखा गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय  में प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।

 

गुम मोबाइल की जांच में सामने आया नया नंबर

ओझौल निवासी कुलदीप झा ने 19 जुलाई को अपना पोको मोबाइल गुम होने की शिकायत बहादुरपुर थाने में दर्ज कराई थी। मोबाइल का पहचान नंबर और नंबर केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल पर अपलोड किया गया था। 14 अगस्त को पुलिस को जानकारी मिली कि गुम मोबाइल में 10 अगस्त को जिस नंबर का इस्तेमाल हुआ है। यह नंबर खराजपुर निवासी मोनू कुमार के नाम पर दर्ज था।

मोबाइल की पुष्टि के लिए 16 अगस्त को सहायक अवर निरीक्षक इन्द्रदेव कुमार मोनू के घर पहुंचे। वहां मोनू के भाई रवि कुमार ने एक पोको मोबाइल पुलिस को सौंपा। हालांकि जांच में उसका पहचान नंबर गुम हुए मोबाइल से अलग पाया गया। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल में इस्तेमाल नंबर के आधार पर सत्यापन की कार्रवाई आगे बढ़ाई।

 घर में मिला युवक का शव

17 अगस्त को दोपहर करीब 1:45 बजे चौकीदार मनीष पासवान ने बहादुरपुर थानाध्यक्ष को सूचना दी कि मोनू कुमार ने अपने घर में आत्महत्या कर ली है। उसी दिन शाम करीब चार बजे मोनू के भाई रवि ने जिला आसूचना इकाई के पुलिस पदाधिकारी को फोन कर मोबाइल मिलने की जानकारी दी और पुलिस टीम को घर बुलाया,

पुलिस के अनुसार, टीम के पहुंचते ही रवि, उसके परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई है। मौके पर मौजूद चौकीदार ने बीच-बचाव कर पुलिसकर्मियों को वहां से सुरक्षित निकाला।

पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में

मोबाइल बरामदगी के बाद संबंधित थानाध्यक्ष को समय पर सूचना नहीं दिए जाने को पुलिस विभाग ने गंभीरता से लिया है। इसी लापरवाही के आरोप में एएसआई इन्द्रदेव कुमार को निलंबित किया गया है। एसएसपी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर चूक हुई और युवक की मौत से पहले क्या-क्या घटनाक्रम हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।

दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी

पुलिस टीम पर हमले को लेकर एएसआई इन्द्रदेव कुमार के फर्द बयान पर बहादुरपुर थाना कांड संख्या 254/26 दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के पिता जागेश्वर सहनी के आवेदन पर कांड संख्या 255/26 दर्ज की गई है। दोनों प्राथमिकी में अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं।

नगर एसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक, दरभंगा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। एसआईटी मोबाइल बरामदगी, पुलिस की कार्रवाई, युवक की मौत और पुलिस टीम पर हुए हमले को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। दोनों पक्षों के आरोपों का सत्यापन करने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच भी की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, मृतक मोनू कुमार का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ बहादुरपुर तथा लहेरियासराय थाने में मामले दर्ज रहे हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कहा कि चोरी /गुम हुये मोबाईल के मामले में दरभंगा पुलिस 338मोबाईल बरामद कर लोंगों के खोये हुये मुस्कान को वापस लाया हे।