गोपालगंज एसपी का सख्त एक्शन: घूसखोरी के आरोप में जादोपुर थानेदार समेत चार गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

दस्तक 7मीडिया /गोपालगंज।

जादोपुर थाने में गैरकानूनी हिरासत, जबरन वसूली और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद गोपालगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएसपी मुख्यालय की जांच के बाद जादोपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत चार लोगों के खिलाफ 18 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने थानाध्यक्ष अनिल राम, कथित बिचौलिये राजू यादव तथा चौकीदार राकेश कुमार और महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मामले की जानकारी 16 अगस्त को एसपी विनय तिवारी को मिली थी। उन्होंने तत्काल डीएसपी मुख्यालय को पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया। जांच में पुलिस थाने में लोगों को बिना प्राथमिकी, आधिकारिक रिकॉर्ड या कानूनी आधार के हिरासत में रखने के आरोप सामने आए। एक मामले में करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखे जाने की बात भी जांच में सामने आई।

रिहाई और केस से नाम हटाने के लिए मांगी रकम

जांच में थानाध्यक्ष अनिल राम और उनके मातहत कर्मियों पर लोगों को कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने के आरोप मिले। जांच के अनुसार, एक व्यक्ति से बिचौलिए के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। वहीं, एक अन्य मामले में महिला और उसकी नाबालिग बेटी को छोड़ने के एवज में 75 हजार रुपये लिए जाने का आरोप है। एक युवक का नाम केस से हटाने के लिए 55 हजार रुपये मांगने की बात भी जांच में सामने आई है।

बिचौलिए से लगातार संपर्क के मिले सबूत

जांच टीम को तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम और कथित बिचौलिए राजू यादव के बीच लगातार टेलीफोन पर बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने इन साक्ष्यों और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की। मामले में थानाध्यक्ष और बिचौलिए की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एसपी ने दोहराई जीरो-टॉलरेंस नीति

गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार, अधिकार के दुरुपयोग और गैरकानूनी हिरासत के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले की जांच में दखल देने, गवाहों को डराने-धमकाने या पुलिस पद का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों और बिचौलियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।