मोबाइल बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर हमला, एसआईटी करेगी जांच

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर में गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए पहुंची जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दोनों पक्षों से जुड़े मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, ओझौल निवासी कुलदीप झा ने 19 जुलाई को अपना पोको कंपनी का मोबाइल गुम होने की सूचना बहादुरपुर थाने में दी थी। सनहा संख्या 882/26 दर्ज कर मोबाइल का विवरण केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल पर अपलोड किया गया था। 14 अगस्त को पोर्टल से पता चला कि गुम मोबाइल में 10 अगस्त को 6206044056 नंबर का इस्तेमाल किया गया है। नंबर खराजपुर निवासी मोनू कुमार के नाम पर था।

मोबाइल का सत्यापन करने के लिए डीआईयू में प्रतिनियुक्त सहायक अवर निरीक्षक इंद्रदेव कुमार 16 अगस्त को मोनू कुमार के घर पहुंचे। वहां उनके भाई रवि कुमार ने पोको कंपनी का एक मोबाइल पुलिस को दिया। जांच में उसका आईएमईआई नंबर गुम मोबाइल से अलग पाया गया। रवि कुमार ने मोबाइल मिलने पर पुलिस को सूचना देने की बात कही।

इसी बीच 17 अगस्त को चौकीदार मनीष पासवान ने सूचना दी कि मोनू कुमार ने अपने घर में आत्महत्या कर ली है। इस संबंध में बहादुरपुर थाने में सनहा दर्ज किया गया। उसी दिन शाम करीब चार बजे रवि कुमार ने डीआईयू के पुलिस पदाधिकारी को फोन कर मोबाइल मिलने की जानकारी दी और घर आकर ले जाने को कहा। पुलिस पदाधिकारी ने व्यस्त होने की बात कहते हुए बाद में आने की बात कही। करीब 15 मिनट बाद रवि कुमार ने दोबारा फोन कर तत्काल मोबाइल ले जाने को कहा।

सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारी अन्य कर्मियों के साथ रवि कुमार के घर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहां पहुंचते ही रवि कुमार, उनके परिजनों एवं अन्य लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में पुलिस पदाधिकारी और कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद चौकीदार मनीष पासवान ने बीच-बचाव कर पुलिसकर्मियों को बचाया।

पुलिस पदाधिकारी इंद्रदेव कुमार के फर्द बयान पर बहादुरपुर थाना कांड संख्या 254/26 दर्ज किया गया है। वहीं मृतक मोनू कुमार के पिता जागेश्वर सहनी के आवेदन पर बहादुरपुर थाना कांड संख्या 255/26 दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है।

पुलिस ने बताया कि मृतक मोनू कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध बहादुरपुर थाना में वर्ष 2020 तथा लहेरियासराय थाना में वर्ष 2024 में मामले दर्ज हुए थे। दोनों मामलों में आरोप पत्र भी न्यायालय में समर्पित किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से दिए गए आवेदन में वर्णित तथ्यों और आरोपों की जांच एसआईटी करेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।