पटना में 26,746 भवन मालिकों को नोटिस, मेयर सीता साहू भी कार्रवाई की जद में, आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में मांगा जवाब; संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग और जुर्माने की तैयारी
पटना में 26,746 भवन मालिकों को नोटिस, मेयर सीता साहू भी कार्रवाई की जद में, आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में मांगा जवाब; संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग और जुर्माने की तैयारी
पटना में 26,746 भवन मालिकों को नोटिस, मेयर सीता साहू भी कार्रवाई की जद में,
आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में मांगा जवाब; संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग और जुर्माने की तैयारी
दस्तक 7 मीडिया / पटना
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और लगातार निगरानी के बाद पटना नगर निगम ने आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में भौतिक सत्यापन के बाद 26,746 से अधिक ऐसे भवनों को चिह्नित किया है, जिनका इस्तेमाल कागजों पर आवासीय होने के बावजूद दुकान, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इन भवन मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई की जद में पटना की महापौर सीता साहू भी आ गई हैं। अजीमाबाद अंचल प्रशासन ने बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित उनके परिसर में गैर-आवासीय गतिविधि पाए जाने के बाद सीता साहू के अलावा उनके परिवार के सदस्य शिशिर कुमार और सुशांत के नाम भी नोटिस जारी किया है। नोटिस में 24 घंटे के भीतर स्वीकृत भवन नक्शा, गैर-आवासीय उपयोग से संबंधित अनापत्ति प्रमाणपत्र और अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
हर वार्ड में रोजाना 100 से अधिक नोटिस
नगर निगम की ओर से शहर के सभी अंचलों में अभियान चलाकर ऐसे भवनों की पहचान की जा रही है। कोर्ट की सख्ती के बाद प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन 100 से अधिक नोटिस जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 12 हजार से अधिक भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं, जबकि चिह्नित भवनों की संख्या 26,746 से अधिक बताई गई है।
19 अगस्त से 10 सितंबर तक होगी सुनवाई
नोटिस के जवाब और भवन मालिकों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के लिए 19 अगस्त से 10 सितंबर तक अंचल कार्यालयों में सुनवाई होगी। अधिकारियों के अनुसार, जिन भवन मालिकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित अवधि में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीलिंग और जुर्माने की तैयारी
नगर निगम ऐसे मामलों में भवन के अवैध व्यावसायिक उपयोग को बंद कराने के साथ परिसर को सील करने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई कर सकता है। नगर निगम की कार्रवाई से बांकीपुर, कंकड़बाग, मुसल्लहपुर, बाजार समिति, एसकेपुरी, गुलजारबाग, एजी कॉलोनी, पाटलिपुत्र, कृष्णापुरी, लोदीपुर, आशियाना और मारूफगंज समेत कई इलाकों में भवन मालिकों की चिंता बढ़ गई है।
वर्षों से टैक्स वसूली पर उठ रहे सवाल
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर कुछ पार्षदों और नागरिकों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन भवनों से निगम वर्षों से व्यावसायिक कर वसूल करता रहा, अब उन्हीं भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया जा रहा है। ऐसे में निगम की पुरानी व्यवस्था और वर्तमान कार्रवाई के बीच तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।