दिल्ली-रांची के बाद बिहार में छात्रों का हुंकार ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना, टीआरई-4 के विज्ञापन से लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उठेंगी मांगें
दिल्ली-रांची के बाद बिहार में छात्रों का हुंकार ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना, टीआरई-4 के विज्ञापन से लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उठेंगी मांगें
दिल्ली-रांची के बाद बिहार में छात्रों का हुंकार ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’
पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना, टीआरई-4 के विज्ञापन से लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उठेंगी मांगें
दस्तक 7मीडिया /पटना
बिहार में शिक्षक भर्ती समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अब सड़क पर उतरने जा रहा है। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष एवं छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अभ्यर्थी मंगलवार से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। आंदोलन को ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ नाम दिया गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार को साफ संकेत दिया है कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग बीपीएससी टीआरई-4 का विज्ञापन तत्काल जारी करना है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे समेत कई अन्य मांगों को लेकर भी छात्र नेता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। छात्र नेताओं का कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
दिल्ली और रांची के बाद पटना पर नजर
अभ्यर्थियों का यह आंदोलन ऐसे समय शुरू हो रहा है, जब हाल के दिनों में दिल्ली और रांची में भी छात्र और युवा विभिन्न मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। ऐसे में पटना का गर्दनीबाग अब बिहार के छात्र आंदोलन का नया केंद्र बनने जा रहा है। आंदोलनकारियों का दावा है कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी होगी और भर्ती एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर ठोस निर्णय लेना होगा।
लालू ने भी आंदोलन में जुटने का किया आह्वान
इधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज बुलंद की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और युवाओं से 19 अगस्त को पटना में एकजुट होने की अपील की। लालू ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बहाली प्रक्रिया में कथित पक्षपात और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
अब निगाहें पटना के गर्दनीबाग पर टिकी हैं। देखना होगा कि ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ सरकार पर कितना दबाव बनाता है और क्या आंदोलन के बीच टीआरई-4 के विज्ञापन समेत अभ्यर्थियों की मांगों पर कोई बड़ा फैसला सामने आता है।