दरभंगा /संजय कुमार राय
मधुबनी जिला के जयनगर एसडीपीओ पर आरोपों की बौछार हैं। लेकिन यह आरोप कितने हद तक सही हैं और कितने गलत हैं यह जांच के बाद ही पता चलेगा।
बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक मे मधुबनी जिला के मुख्यालय डीएसपी इस मामले की जांच कर रहें हैं। जयनगर निवासी भूषण प्रसाद ने जयनगर एसडीपीओ के विरुद्ध आरोप लगाया हैं। भूषण ने जांच के क्रम मे कुछ ऑडियो भी मुख्यालय एसडीपीओ को सौंपा हैं वह ऑडियो वायरल भी हैं। ऑडियो को सुननें से यह पता चलता हैं कि कोई पुलिसकर्मी शराब माफिया से बात कर रहा हैं। इस पुलिसकर्मी के बारे मे पता करना चाहा तो यह पता चला कि जयनगर एसडीपीओ के यहां यह तैनात था जिसे वहां से हटाकर मधुबनी जिला मे पदस्थापन कर दिया गया हैं। हम ऑडियो की कतई पुष्टि नहीं करते लेकिन जो बातें सुनने मे आ रही हैं अगर वह सही हैं तो यह गंभीर मसला हैं।
एक ऑडियो मे शराब माफिया कह रहा हैं कि अरे ,पेन्थर वाला हमको बहूत डिस्टर्ब कर रहा हैं। पुलिसकर्मी कहता हैं किसको कर रहा हैं और काहे कर रहा हैं ,माफिया कहता हैं हमको कर रहा हैं। पुलिसकर्मी कहता हैं ठीक हैं उसको सुबह मे बुला लेते हैं लेकिन तु हमर नंबर हटा दीहअ। एक ऑडियो मे पुलिसकर्मी कहता हैं कि हो मलवा आ गया हैं तो कहता हैं नहीं। छोटे छोटे तीन क्लिप हैं।
अगर इस क्लिप की जांच मे यह साबित हो कि यह पुलिस कर्मी कौन हैं और किससे बात कर रहा हैं तो यह मसला ऊपर तक जाएगी और एसडीपीओ भी इस लपेटे मे आ सकते हैं।
क्यूंकि बताया जा रहा हैं कि इस पुलिस कर्मी की पोस्टिंग पहले भी जयनगर मे था और उसे वहां से हटाकर अन्यत्र जगह पोस्टिंग कर दी गई थी लेकिन भूषण प्रसाद बताते हैं कि इसे एसडीपीओ ने पुनः जयनगर मे पोस्टिंग कराया और शराब माफिया से तालमेल कर अवैद्य रूप से भारी रकम की वसूली की गई जिससे शहर की आम जनता परेशान हो गई। कई किस्से भूषण प्रसाद बताते हैं और दर्जनों आरोप एसडीपीओ पर लगा रहें हैं। इन्हीं के द्वारा दिये गये आवेदन पर मुख्यालय डीएसपी फिलहाल जांच कर रहें हैं।
- भूषण प्रसाद कहते हैं कि कई शराब कारोबारी को जयनगर एसडीपीओ ने पकड़ा और प्राथमिकी भी दर्ज कराई ,लेकिन अपने पर्यवेक्षण टिप्पणी मे सभी का नाम हटा दिया लेकिन मधुबनी एसपी ने सारे हटाए गये नाम को जोड़ते हुये मामले को सत्य करार दे दिया।अब अगर यह बात सही हैं तो जयनगर एसडीपीओ द्वारा की गई तमाम पर्यवेक्षण टिप्पणी पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता हैं क्यूंकि इसमें कई निर्दोष लोंगों के ऊपर भी कारवाई हुई होगी और यह जांच का विषय तो बनता ही हैं।
