राज्य कर्मियों के प्रिय नेता काली बाबू की 18वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि,

संघर्ष और कर्मचारी हितों के लिए समर्पित था काली बाबू का जीवन

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, जिला शाखा दरभंगा की ओर से राज्य महासंघ के संयुक्त मंत्री सह जिलामंत्री स्वर्गीय काली कांत झा की 18वीं पुण्यतिथि पर महासंघ कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सह संकल्प सभा आयोजित की गई। इस दौरान उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार झा ने कहा कि काली बाबू केवल दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के राज्य कर्मियों के आंदोलन के स्तंभ थे। वे केंद्रीय कर्मचारियों, बैंक, बीमा एवं निजी क्षेत्र के कामगारों के बीच भी काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से कर्मचारी आंदोलन को गहरा धक्का लगा। उन्होंने कहा कि आज कर्मचारियों एवं श्रमिकों के सामने उत्पन्न संकट के दौर में उनके नेतृत्व की कमी महसूस हो रही है।

महासंघ के पूर्व अध्यक्ष फकीरा पासवान ने कहा कि काली बाबू संघर्ष को अपने जीवन का हिस्सा मानते थे। उनके कार्यकाल में राज्य कर्मियों के कई बड़े आंदोलन हुए। स्थानीय स्तर पर संघर्ष कर उन्होंने सैकड़ों कर्मचारियों को सरकारी सेवा में समायोजित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की छंटनी, पेंशन समाप्ति तथा ठेका-संविदा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर चल रहे संघर्ष में उनके नेतृत्व का अभाव खटक रहा है।

सीटू बिहार राज्य कमेटी के सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने कहा कि काली बाबू ट्रेड यूनियन नेता होने के साथ-साथ मार्क्सवाद के अच्छे शिक्षक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन कर्मचारी एवं श्रमिक हितों की रक्षा के संघर्ष में लगा दिया। दरभंगा में श्रमिक आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सभा को मजदूर नेता दिनेश झा, सीटू राज्य कमेटी सदस्य ईशा खान, ताराकांत पाठक, छतरी यादव, अश्वनी कुमार झा, परमेश्वर राम, राज नारायण झा, हरे राम झा, अरुण कुमार महतो, दिनेश कुमार आडवानी, सीताराम पासवान, अजीत पासवान, जगन्नाथ पासवान और पारस नाथ चौधरी सहित अन्य ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी नेता स्वर्गीय काली बाबू के बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।सभा में कर्मचारी एवं श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।