125 दिनों के रोजगार की गारंटी, ग्राम सभा की भूमिका पर जोर, विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम पर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित
125 दिनों के रोजगार की गारंटी, ग्राम सभा की भूमिका पर जोर, विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम पर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित
125 दिनों के रोजगार की गारंटी, ग्राम सभा की भूमिका पर जोर,
विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम पर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
प्रेक्षागृह में मंगलवार को विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम, 2005 को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, दरभंगा ने की।
सम्मेलन में जिला परिषद अध्यक्षा, मुखिया संघ के अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। निदेशक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, दरभंगा तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत ग्राम-जी सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
सम्मेलन में अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण परिवारों के लिए 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, रोजगार उपलब्ध कराने की समय-सीमा एवं निर्धारित शर्तों के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।
विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत पंचायत स्तर पर विकास की प्राथमिकताएं तय करने, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास पर जोर दिया गया। विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित कर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्राम स्तर पर एकीकृत विकास की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। ग्राम पंचायतों के उत्तरदायित्व तथा ग्राम सभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए योजना निर्माण, कार्यों की प्राथमिकता तय करने, पारदर्शिता, जनभागीदारी और योजनाओं की निगरानी में ग्राम सभा की भूमिका पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में योजना के तहत अनुमन्य कार्यों की विभिन्न श्रेणियों की जानकारी देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका के अवसर बढ़ाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी गई तथा शिकायतों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निपटारे पर बल दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अधिनियम के प्रावधानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा इसके पारदर्शी एवं जनभागीदारी आधारित क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग और सक्रिय सहभागिता का भरोसा दिलाया।