खुदीराम बोस की शहादत को अधिवक्ताओं ने किया नमन

दरभंगा/विधि संवाददाता।

जिला बार एसोसिएशन भवन, दरभंगा में मंगलवार को देश की आजादी की लड़ाई के अमर शहीद एवं सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में शामिल खुदीराम बोस की शहादत दिवस पर अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। अधिवक्ता रमणजी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने अमर शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।

इस अवसर पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस ने मुजफ्फरपुर पहुंचकर बंगाल के क्रांतिकारियों का दमन करने वाले ब्रिटिश जज डगलस किंग्सफोर्ड को निशाना बनाया था। उन्होंने किंग्सफोर्ड की बग्घी समझकर उस पर बम फेंका था, जिसमें दो अंग्रेज महिलाओं की मौत हो गई थी। इस मामले में खुदीराम बोस को गिरफ्तार किया गया और 11 अगस्त 1908 को फांसी दे दी गई।

उन्होंने कहा कि महज 19 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए खुदीराम बोस ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस और देशभक्ति आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता नरेश कुमार झा, महेश कुमार सिन्हा, प्रदीप यादव, संजीव कुमार, प्रमोद शंकर चौधरी, पंकज कुमार सिंह, कुलदीप दीवान, राजू पंडित, विनय कुमार झा, दीपक कुमार समेत कई अधिवक्ता, मुंशी एवं न्याय अतिथि मौजूद थे।