तिरंगा तैयार कर राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश कर रहीं जीविका दीदियां 18 प्रखंडों में हजारों महिलाएं दिन-रात जुटीं, जिले में तैयार होंगे करीब 76 हजार तिरंगे
तिरंगा तैयार कर राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश कर रहीं जीविका दीदियां 18 प्रखंडों में हजारों महिलाएं दिन-रात जुटीं, जिले में तैयार होंगे करीब 76 हजार तिरंगे
तिरंगा तैयार कर राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश कर रहीं जीविका दीदियां
18 प्रखंडों में हजारों महिलाएं दिन-रात जुटीं, जिले में तैयार होंगे करीब 76 हजार तिरंगे
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
हर घर तिरंगा अभियान-2026 को लेकर दरभंगा जिले की जीविका दीदियां राष्ट्रभक्ति और महिला सशक्तीकरण की अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश एवं जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी के नेतृत्व में जिले के सभी 18 प्रखंडों में हजारों जीविका दीदियां सिलाई केंद्रों के साथ अपने घरों में भी तिरंगा तैयार करने में जुटी हैं।
तिरंगा निर्माण महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आमदनी के साथ राष्ट्रसेवा में योगदान का अवसर भी बन गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रत्येक प्रखंड में करीब चार हजार और जिला स्तर पर भी करीब चार हजार तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं। इस तरह जिले में करीब 76 हजार तिरंगे तैयार कर संबंधित विभागों और संस्थानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी कौशल कुमार लगातार तिरंगा निर्माण कार्य का जायजा लेकर जीविका दीदियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने हुनर और मेहनत से तिरंगा तैयार कर जीविका दीदियां राष्ट्रसेवा के साथ महिला सशक्तीकरण की प्रेरक मिसाल पेश कर रही हैं।
उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने भी जीविका दीदियों को निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप तिरंगा तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा निर्माण में गुणवत्ता और मानकों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि जिले के 18 प्रखंडों के विभिन्न ग्राम संगठनों में हजारों जीविका दीदियों को प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के माध्यम से कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब अपने हुनर का इस्तेमाल तिरंगा निर्माण में कर रही हैं।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के माध्यम से जीविका दीदियों को तिरंगा निर्माण एवं आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। सिलाई केंद्रों पर तैयार तिरंगों की गुणवत्ता जांच और पैकेजिंग के बाद निर्धारित संख्या में संबंधित विभागों एवं संस्थानों को आपूर्ति की जा रही है।
संचार प्रबंधक राजा सागर ने बताया कि जीविका के सहयोग और प्रशिक्षण से सिलाई एवं वस्त्र निर्माण हजारों महिलाओं के लिए आजीविका और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन रहा है। कई जीविका दीदियां आंगनबाड़ी बच्चों के वस्त्र तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं, जबकि प्रशिक्षित महिलाएं अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रही हैं।
‘तिरंगा बनाना सिर्फ आय नहीं, देशभक्ति का भी अवसर’
कीरतपुर प्रखंड की जीविका दीदी रिंकी सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने हाथों से तिरंगा बनाने और राष्ट्रध्वज निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा तैयार करना उनके लिए सिर्फ आय का जरिया नहीं, बल्कि उनके हुनर और देशभक्ति का सुंदर संगम है।
जिले के विभिन्न सिलाई केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघों से जुड़ी हजारों जीविका दीदियां सक्रिय रूप से तिरंगा निर्माण कर रही हैं। इससे महिलाओं को रोजगार और आमदनी के साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को निभाने का गौरव भी मिल रहा है।
9 से 17 अगस्त तक होंगे विविध कार्यक्रम
इस वर्ष जिले में वंदे मातरम् के 150 वर्ष की थीम पर हर घर तिरंगा अभियान आयोजित किया जा रहा है। 9 से 17 अगस्त तक सभी प्रखंडों और पंचायतों में राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
इस दौरान तिरंगा थीम पर आधारित प्रकाश स्तंभ, मेरी माटी-मेरा देश और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा वंदे मातरम् प्रदर्शनी, तिरंगा रैली, सामूहिक गायन, सेल्फी विद तिरंगा, तिरंगा यात्रा और संकल्प विद तिरंगा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत किया जाएगा।
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