आबकारी पुलिस की हिरासत से दलित युवक के लापता होने की जांच अब सीबीआई के हवाले,

पटना हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, भोजपुर एसपी को सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंपने का आदेश

दस्तक 7मीडिया /पटना 

भोजपुर जिले के बिहिया में आबकारी पुलिस की हिरासत से 31 वर्षीय दलित युवक सनोज कुमार के लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत ने राज्य पुलिस की जांच की कार्यशैली और उसकी विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल उठाए।

न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले की जांच में बरती गई कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने भोजपुर एसपी को मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया है।

13 अगस्त 2025 को हिरासत में लिए जाने के बाद लापता

परिजनों के अनुसार, सनोज कुमार को 13 अगस्त 2025 को आबकारी पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान उनकी पिटाई की गई और इसके बाद वह लापता हो गए। मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए थे।

चलती गाड़ी से कूदने के पुलिस के दावे पर सवाल

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से युवक के चलती गाड़ी से कूदने का दावा किया गया। हालांकि, अदालत ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट के समक्ष यह तथ्य आया कि जिस वाहन में युवक को ले जाया जा रहा था, उसके दरवाजे बाहर से बंद थे। इस आधार पर अदालत ने पुलिस के दावे पर गंभीर संदेह जताया।

जांच में देरी और पक्षपात पर जताई चिंता

हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस की जांच में साक्ष्य जुटाने में देरी और कथित पक्षपातपूर्ण रवैये को भी रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपना आवश्यक है।

11 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने सीबीआई को मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। इस दौरान सीबीआई को जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी होगी।