पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मचारियों ने निकाली रैली, सरकार को सौंपा 31 सूत्री मांग-पत्र
पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मचारियों ने निकाली रैली, सरकार को सौंपा 31 सूत्री मांग-पत्र
पुरानी पेंशन की मांग पर कर्मचारियों ने निकाली रैली, सरकार को सौंपा 31 सूत्री मांग-पत्र
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
पुरानी पेंशन योजना लागू करने और ठेका-संविदा कर्मियों को नियमित करने समेत 31 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की दरभंगा जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पोलो मैदान से रैली निकालकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इसके बाद समाहरणालय पहुंचकर मुख्य सचिव के नाम प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा।
रैली के दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ठेका, संविदा, आउटसोर्सिंग और पीपीपी आधारित व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों को नियमित करने तथा रिक्त सरकारी पदों पर नियुक्ति की मांग की। महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार झा ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, इसके बावजूद संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कराया जा रहा है। लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को नियमित किया जाना चाहिए।
कर्मचारी नेताओं ने सितंबर 2005 के बाद नियुक्त राज्यकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, कोरोना काल के 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान करने और न्यूनतम मानदेय 26 हजार रुपये करने की मांग उठाई। स्वास्थ्य कर्मियों के 45 दिवसीय कार्य बहिष्कार की अवधि का वेतन देने की मांग भी की गई।
इसके अलावा क्षेत्रीय कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त करने, अनुसचिवीय कर्मचारियों के लिए झारखंड और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर वेतनमान एवं प्रोन्नति का पदसोपान निर्धारित करने तथा कार्य विभाग में कार्यभारित अवधि को पेंशन के लिए जोड़ने की मांग की गई।
महासंघ की जिलाध्यक्ष शांति देवी की अध्यक्षता में हुई रैली में वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में बिहार से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे।
रैली में मोहम्मद ईशा खां, राजेंद्र राम, अश्वनी कुमार झा, क्षत्री यादव, सुधाकर सिंह, अरुण कुमार झा, सूर्यदेव राय, प्रियंका कुमारी, निशा देवी, अनिता कुमारी, विभा कुमारी, राजनारायण झा, राजदेव यादव, फकीरा पासवान, ताराकांत पाठक, रितेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, शंभूनाथ झा और संजय कुमार मंडल समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।