बाबा कुशेश्वरनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूसरे सोमवारी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।
बाबा कुशेश्वरनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूसरे सोमवारी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।
बाबा कुशेश्वरनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूसरे सोमवारी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।
प्रशांत कुमार, दस्तक 7 मीडिया, कुशेश्वरस्थान।
बिहार के देवघर के नाम से ख्याति प्राप्त कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर में सावन की दूसरे सोमवारी को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा कुशेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, अमन-चैन की मंगलकामना किया। आधी रात से ही श्रद्धालु शिवगंगा घाट में स्नान कर गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला में बनाए गए घुमावदार बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होकर मंदिर का पट खुलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान हर-हर महादेव, बोल बम और कुशेश्वरनाथ की जय के जयघोष से पूरा मंदिर क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
अहले सुबह सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद करीब दो बजे आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर का प्रवेश द्वार खोल दिया गया। श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से पवित्र जल लेकर अरघा में जल, बेलपत्र, पुष्प, अक्षत एवं चंदन अर्पित कर बाबा का जलाभिषेक किया। मंदिर के पश्चिमी द्वार से श्रद्धालुओं की निकासी की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज, उपाध्यक्ष सह डीएसपी प्रभाकर तिवारी, थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद, आधी रात से ही भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे और पुलिस बल को आवश्यक निर्देश देते हुए दिखे।
श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिलाओं की कतार हजारी हाउस तथा पुरुषों की आसमा तक पहुंच गई थी। बाजार में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए सतीघाट और धोबलिया पुल के पास बैरिकेडिंग की गई थी। सतीघाट से श्रद्धालुओं को करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचना पड़ा। समस्तीपुर, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सहरसा समेत उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के अलावे नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
देर शाम तक पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। शाम में बाबा की श्रृंगार पूजा एवं महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उधर, पूर्वी प्रखंड के तिलकेश्वर महादेव मंदिरों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय बना रहा।