साम्राज्यवाद के खिलाफ बिरौल में गरजा किसान-मजदूरों का गुस्सा, अनुमंडल मुख्यालय से कोठीपुल तक निकला ‘आजादी मार्च’

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर बिरौल अनुमंडल मुख्यालय में जन-आक्रोश का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। देश की आज़ादी, संप्रभुता और स्वाभिमान की रक्षा के संकल्प के साथ किसान-मजदूरों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का एक विशाल ‘आज़ादी मार्च’ बिरौल अनुमंडल मुख्यालय से शुरू होकर कोठीपुल तक निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश की संप्रभुता अमेरिकी साम्राज्यवाद के समक्ष लगातार कमजोर हो रही है। इस मार्च के दौरान जन-नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर हमला बोला।प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विरोध में जमकर नारे लगाए। इस आजादी मार्च का नेतृत्व क्षेत्र के प्रमुख किसान-मजदूर नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया। मार्च में पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संघर्ष की अग्रिम पंक्ति में खड़ी नजर आईं। मुख्य नेतृत्व एवं आयोजक प्रखंड सचिव बैद्यनाथ यादव, रोहित सिंह, किसान नेता राधे सहनी,जितेन्द्र सदा, और सत्यनारायण पासवान के अलावाअकड़ी देवी, बचिया देवी, सीता कुमारी, लालदाय देवी, कविता देवी, आरती देवी, कुशीला देवी एवं कविता कुमारी सहित कई महिला मौजूद थे। कोठीपुल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों, किसानों की जमीनों और मजदूरों के अधिकारों पर किसी भी तरह का साम्राज्यवादी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने कहा,यह लड़ाई सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश की संप्रभुता, लोकतंत्र और गरीब-मजदूरों के बुनियादी अधिकारों की बहाली तक इस संघर्ष को गांव-गांव तक और तेज किया जाएगा।