घाट गोद लेंगे कॉलेज वॉलंटियर, युवाओं के भरोसे नदी संरक्षण की मुहिम,

हर घर तिरंगा अभियान के साथ चलेगा स्वच्छता व जनजागरूकता अभियान, 40 से अधिक स्वयंसेवकों ने लिया संकल्प

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

हर घर तिरंगा अभियान और नदी संरक्षण गतिविधियों को लेकर शनिवार को जिला गंगा समिति कार्यालय, विकास भवन परिसर में नमामि गंगे वॉलंटियरों एवं युवा स्वयंसेवकों की बैठक हुई। जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला गंगा समिति कौशल कुमार के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम ने की। बैठक में युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर नदियों और जलस्रोतों को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई।

बैठक में ‘घाट गोद लेने’ की पहल पर विशेष चर्चा हुई। इसके तहत चयनित प्रमुख घाटों को महाविद्यालयों, एनएसएस-एनसीसी इकाइयों, युवा वॉलंटियर टीमों और सामाजिक संगठनों से जोड़ा जाएगा। ये टीमें घाटों पर नियमित स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक उन्मूलन, जनजागरूकता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसी गतिविधियां चलाएंगी।

जिला परियोजना पदाधिकारी ने कहा कि नदी संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक अभियान है। इसमें युवाओं की भूमिका अहम है। बैठक में वॉलंटियरों की गतिविधियों और सहभागिता का व्यवस्थित अभिलेख रखने तथा वर्षांत में प्रमाण-पत्र देने पर भी सहमति बनी।

कॉलेजों में बनेगी नमामि गंगे वॉलंटियर टीम

महाविद्यालय स्तर पर कार्यशाला, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई। प्रत्येक कॉलेज में नमामि गंगे वॉलंटियर टीम गठित करने तथा टीम लीडर या समन्वयक चयनित करने का प्रस्ताव रखा गया। एनएसएस, एनसीसी और अन्य छात्र संगठनों के साथ समन्वय कर नदी संरक्षण गतिविधियों को नियमित रूप देने पर जोर दिया गया।

तिरंगा यात्रा के साथ नुक्कड़ नाटक भी

आगामी हर घर तिरंगा अभियान और वंदे मातरम् गतिविधियों में नमामि गंगे वॉलंटियरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। तिरंगा यात्रा के अलावा नदी संरक्षण पर नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया। स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक माध्यमों से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों तक नदी संरक्षण का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया।

बैठक में कोऑर्डिनेटर पूजा कुमारी, संजीव कुमार और सुनील कुमार समेत विभिन्न महाविद्यालयों के 40 से अधिक वॉलंटियर शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने घाट स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त अभियान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा को लेकर कई सुझाव दिए।