आर्म्स एक्ट केस में एडीजे कोर्ट का फैसला, तीनों दोषियों की सजा पर लगी मुहर,अपील खारिज

दरभंगा/विधि संवाददाता

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने आर्म्स ऐक्ट के सजायाफ्ता नगरथानाक्षेत्र के सेनापत मुहल्ला निवासी मो. आरजू खान,मो. एक्लाखूर्रहमान और मो. अब्दुल रहमान का क्रमशः तीन दाण्डिक अपील खारिज कर दिया।वहीं निम्न अदालत द्वारा निर्णित सजा को बरकरार रखा ।दरभंगा जिला का लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि आर्म्स ऐक्ट जैसे गंभीर मामले के अपील में त्वरित न्याय निर्णय वास्ते प्राथमिकता के आधार पर अपील की सूनवाई पुरी की गई।अपील दायर करने के महज 08 माह के अन्दर शुक्रवार को दाण्डिक अपील सं. 26/25,28/25 और 34/25 के तीनो अपीलार्थियों का अपील एडीजे श्री पाण्डेय की अदालत ने खारिज कर दिया।वहीं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जूनैद आलम द्वारा दिनांक 18 नवंबर 2025 को पारित सह सूनाई गई निर्णय को विधि सम्मत करार देते हुए उनके निर्णय को सम्पुष्ट कर दिया।पीपी श्री झा ने बताया कि नगर थाना को सूचना मिली थी कि सेनापत मुहल्ला में कुछ अपराधी अपराध की योजना बना रहा है।पुलिस ने जब आरजू खान के घर दबिश दी तो मो. आरजू के पास से एक मैगजीन युक्त पिस्टल,मो. एकलाखूर्रहमान के पास से एक देशी कट्टा और अब्दूल रहमान के पास से बटनयुक्त एक चाकू और कारतूस बरामद की थी।इस सन्दर्भ में नगर थानाकांड सं. 228/24 दर्ज की गई थी।इस मामले का बिचारण सीजेएम कोर्ट में हुईं।सीजेएम जूनैद आलम ने 18 नवंबर 2025 5 को तीनों जूर्मियों को आर्म्स ऐक्ट की धारा 25(1-b)a , मेंदो वर्ष का कारावास, तथा धारा 26(1) में दो वर्ष की कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये अर्थथदंड की सजा सूनाई थी।इसी निर्णय के खिलाफ तीनों सजायाफ्ता ने अलग अलग तीन दाण्डिक अपील सत्र न्यायालय में संस्थित कराया था।जिसमें एडीजे श्री पाण्डेय की अदालत ने उपरोक्त तीनों अपील वाद की सूनवाई पुरी कर सीजेएम द्वारा सूनाई गई सजा को सम्पुष्ट करते हुए सजा को बरकरार रखा और तीनों दांडिक अपील खारिज कर दिया। अब उपरोक्त अपील के खिलाफ सभी सजायाफ्ता को पटना हाईकोर्ट जाना पड़ेगा।