दरभंगा में दो नाबालिग बच्चियों से बाल मजदूरी कराने का मामला,प्राथमिकी दर्ज,

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल थाना क्षेत्र के मास्टर चौक पर रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस ने दो नाबालिग बच्चियों को संदिग्ध अवस्था में भागते हुए पकड़ा। दोनों बच्चियों से बाल मजदूरी कराने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिरौल थाना के अपर थाना अध्यक्ष सह बाल कल्याण पदाधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, 5 अगस्त की रात गश्ती के दौरान 6 अगस्त 2026 को तड़के करीब 4:00 बजे मास्टर चौक पर तैनात चौकीदार रंजीत पासवान और दीपू यादव ने दो बच्चियों को भागते हुए पाया। पूछताछ में बच्चियों की पहचान समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र स्थित तालेपुर मुसेपुर निवासी बबलू सदा की एक 12 और दुसरी 10 वर्षीया पुत्रियां के रूप में हुई। अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के अनुसार बच्चियों ने बताया कि उन्हें अरुण सहनी द्वारा मखाना भुजने और फोड़ने के काम के लिए लाया गया था। वहां मन न लगने के कारण वे रात में चुपचाप भाग रही थीं। बच्चियों के बयान के आधार पर पुलिस जब सुपौल बाजार हाटगाछी (वार्ड नं. 03) स्थित ठिकाने पर पहुंची, तो वहां मखाना और चूल्हा बना मिला। आरोपी अरुण सहनी (40 वर्ष), ने स्वीकार किया कि वह एक सप्ताह पूर्व तय मजदूरी देकर बच्चियों को काम के लिए लाया था। पुलिस ने बच्चियों के परिजनों को सूचित कर दोनों बच्चियों को सुरक्षित किया तथा आरोपी अरुण सहनी को हिरासत में ले लिया। इस मामले में बिरौल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं बिरौल पुलिस ने दोनों पीड़ित बच्चों को ‘प्रयास/कार्य’ (जिला समन्वयक, दरभंगा) के माध्यम से बाल कल्याण समिति (CWC), दरभंगा के समक्ष उचित संरक्षण एवं उपस्थापन हेतु सुपुर्द कर दिया है।