जनता कोशी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए उत्प्रेरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन, ज्ञान, शोध और मौलिक चिंतन से ही गढ़ी जाती है सफलता की नई इबारत–डॉ.सूर्यनारायण पांडे
जनता कोशी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए उत्प्रेरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन, ज्ञान, शोध और मौलिक चिंतन से ही गढ़ी जाती है सफलता की नई इबारत–डॉ.सूर्यनारायण पांडे
जनता कोशी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए उत्प्रेरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन, ज्ञान, शोध और मौलिक चिंतन से ही गढ़ी जाती है सफलता की नई इबारत–डॉ.सूर्यनारायण पांडे
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
जनता कोशी महाविद्यालय, बिरौल के हिन्दी विभागाध्यक्ष द्वारा स्नातकोत्तर हिन्दी प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026–28) के नव-नामांकित विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु महाविद्यालय के महिला छात्रावास (कक्ष संख्या–19) में एक गरिमामय उत्प्रेरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम संरचना, शोध पद्धतियों, विभागीय गतिविधियों और परिसर अनुशासन से विस्तार से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभ उद्घाटन एवं अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ.सूर्यनारायण पांडे ने अपने प्रेरक अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा—
“स्नातकोत्तर शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त आधार है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और मौलिक चिंतन को अपनी पहचान बनाना चाहिए।”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राम शेख पंडित ने सभी नवागत विद्यार्थियों का सहृदय स्वागत करते हुए कहा—”आप सभी उच्च शिक्षा के ऐसे पड़ाव पर पहुंचे हैं जहां जिज्ञासा, सतत अध्ययन और शोध की प्रवृत्ति ही आपकी वास्तविक पूँजी है। हिन्दी साहित्य केवल भाषा का अध्ययन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदना और सामाजिक चेतना को समझने का माध्यम है। आप सभी लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करें और विभाग की शैक्षणिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएं।”संस्थान के अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को नियमित वर्ग संचालन में उपस्थित रहने और अपने उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन दिया। डॉ. बिंदु नाथ (अंग्रेजी विभाग), डॉ. गौरव कुमार (भूगोल विभाग),डॉ. राजकुमार प्रसाद (मैथिली विभाग),डॉ.भवेश कुमार,डॉ. प्रियंका,डॉ. राधा एवं डॉ. शारदा (मनोविज्ञान एवं अन्य संकाय) क्रांति कुमार चौधरी (प्रधान लिपिक / बड़ा बाबू)
सभी वक्ताओं ने अपने आशीर्वचनों से छात्रों को अनुशासित रहकर अकादमिक शिखर छूने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शम्भू पासवान ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा—”विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ही किसी भी शैक्षणिक कार्यक्रम की सफलता का आधार है। आशा है कि आप सभी विभागीय गतिविधियों, सेमिनार, शोध एवं अध्ययन में उत्साहपूर्वक सहभागिता करेंगे।”उत्प्रेरण सत्र में नवागत छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और विभाग से अपनी अपेक्षाएँ व्यक्त कीं। विचार प्रस्तुत करने वाले प्रमुख विद्यार्थियों में राधा रानी कुमारी, रोहन पासवान, सपना पौदार, सुभाष कुमार, नीतीश राम, दिलखुश कुमार, पिंकू पासवान,शिव कुमार, रविकिशन राम, प्रिंस कुमार, रोहित कुमार राम, प्रियांशु कुमार, राहुल कुमार राम, गिरधर कुमार,चंदन कुमार (प्रथम एवं द्वितीय), कृष्ण कुमार, मनीष पासवान एवं सूरज कुमार पासवान शामिल थे।कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा नियमित अध्ययन, शोध गतिविधियों में सक्रियता, पुस्तकालय के अधिकाधिक उपयोग और विभागीय कार्यक्रमों में निरंतर सहभागिता के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। पूरी सभा में उच्च शिक्षा के प्रति उत्साह और शैक्षणिक ऊर्जा का माहौल व्याप्त रहा।