दरभंगा :मखाना फोड़ने के काम में 4 नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी, प्रताड़ना का शिकार बच्ची का हाथ गरम रॉड से जलाया
दरभंगा :मखाना फोड़ने के काम में 4 नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी, प्रताड़ना का शिकार बच्ची का हाथ गरम रॉड से जलाया
दरभंगा :मखाना फोड़ने के काम में 4 नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी, प्रताड़ना का शिकार बच्ची का हाथ गरम रॉड से जलाया
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिले के बिरौल और नेहरा थाना क्षेत्र से बाल श्रम और अमानवीय अत्याचार का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मखाना फोड़ने/भूनने के काम में लगाए गए चार नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी और प्रताड़ना के जाल से मुक्त कराया गया है। आरोप है कि काम सही से न करने पर एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची को लोहे की गरम रॉड से दागकर उसका हाथ जला दिया गया।
पुलिस के अनुसार, बिरौल थाना के बाल कल्याण अधिकारी सह अपर थानाध्यक्ष (पु०अ०नि०) मुकेश कुमार एवं दिवा गश्ती अधिकारी स०अ०नि० राजीव कुमार की तत्परता से 5 अगस्त 2026 की सुबह बिरौल बस स्टैंड के पास से इन बच्चों को रेस्क्यू किया गया और आरोपी दंपति को हिरासत में लिया गया।
मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष चन्द्र
ने बताया कि पीड़ित बच्चों में खगड़िया जिला के अलौली थाना क्षेत्र के एक और दरभंगा जिला के तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के तीन शामिल हैं। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे आरोपी दिलीप सहनी और उसकी पत्नी नदिया देवी के जगदीशपुर, थाना- नेहरा, जिला दरभंगा स्थित ठिकाने पर रह रहे थे। वहां उनसे मखाना भूनने और फोड़ने का काम कराया जाता था। प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर चारों बच्चे 5 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे जगदीशपुर से पैदल ही भाग निकले। इसके बाद एक टेम्पू और फिर बस पकड़कर वे बिरौल पहुंचे। बच्चों के भागने पर आरोपी दिलीप सहनी और उसकी पत्नी नदिया देवी मोटरसाइकिल से उनका पीछा करने लगे और रास्ते में दो बार बस को रुकवाने का प्रयास किया। बिरौल में बस रुकने पर आरोपियों ने फिर से बच्चों को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान गश्ती कर रही पुलिस टीम की नजर पड़ गई और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को थाने ले आई।
बच्चों ने पुलिस को बताया कि करीब एक महीने पहले परिजनों को कुछ हजार रुपये (3000 से 5000 रुपये तक) एडवांस देकर उन्हें मजदूरी पर लाया गया था। काम न करने या थोड़ी सी गलती होने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।
अमानवीयता की हद तब पार हो गई जब आरोपी दिलीप सहनी की पुत्री मनीषा कुमारी ने 12 वर्षीय नबालिक बच्ची को प्रताड़ित करते हुए लोहे की गरम रॉड से उसका दाहिना हाथ जला दिया।
बिरौल पुलिस ने चारों पीड़ित बच्चों को ‘प्रयास/कार्य’ (जिला समन्वयक, दरभंगा) के माध्यम से बाल कल्याण समिति (CWC), दरभंगा के समक्ष उचित संरक्षण एवं उपस्थापन हेतु सुपुर्द कर दिया है।
बिरौल थाना द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन को नेहरा थाना को अग्रेषित कर दिया गया है। बाल कल्याण अधिकारी सह अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने नेहरा थाना से आये पुलिस पदाधिकारी अरुण कुमार को हिरासत में लिये गए नामजद आरोपियों में दिलीप सहनी (48 वर्ष),पिता- बैधनाथ सहनी,नदिया देवी (40 वर्ष),पति- दिलीप सहनी साकिन-जगदीशपुर,थाना- नेहरा, जिला दरभंगा को उनके हवाले कर दिया।
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