लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है, उसे दबाने की नहीं, सुनने की ज़रूरत है : डॉ. जमाल हसन
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है, उसे दबाने की नहीं, सुनने की ज़रूरत है : डॉ. जमाल हसन
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है, उसे दबाने की नहीं, सुनने की ज़रूरत है : डॉ. जमाल हसन
दस्तक 7मीडिया /अफजल खान
दरभंगा जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
डॉ. जमाल हसन ने कहा कि 23 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन के मामले में उनका नाम दर्ज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि उस दिन वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी जानकारी दी, जिन्होंने मामले में त्रुटि होने की बात स्वीकार की। उनके अनुसार, उन्हें जानबूझकर इस प्रकरण में शामिल करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि छात्रों के आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग जैसे मामलों में अब तक जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। उन्होंने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डॉ. जमाल हसन ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से इस मुद्दे पर जवाब देने और छात्रों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने की मांग की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों पर हुई कार्रवाई के संबंध में देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए और लोकतांत्रिक संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. जमाल हसन ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है। असहमति और शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए सरकार को दमन के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर एहसान सिद्दीकी, प्रिंस परवेज़, बसंत कुमार झा, मोहम्मद परवेज़, भागीरथी देवी सहित कांग्रेस के कई नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।