हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हुआ कुशेश्वरस्थान, श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ, न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज व उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया शुभारंभ।
हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हुआ कुशेश्वरस्थान, श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ, न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज व उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया शुभारंभ।
हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हुआ कुशेश्वरस्थान, श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ,
न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज व उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया शुभारंभ।
दस्तक 7मीडिया ,कुशेश्वरस्थान /प्रशांत कुमार
उत्तर बिहार के देवघर’ नाम से विख्यात सुप्रसिद्ध बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में रविवार को एक माह तक चलने वाले पावन श्रावणी मेले का अत्यंत भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के बीच न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज एवं उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। फीता कटते ही पूरा धाम परिसर “हर-हर महादेव” और “जय कुशेश्वर” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
चेक समर्पित कर दिखाई अपार श्रद्धा
उद्घाटन समारोह के दौरान न्यास समिति की कोषाध्यक्ष कविता कुमारी ने बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव के प्रति अपनी अगाध आस्था व्यक्त करते हुए 21,000 का चेक समर्पित किया। उनके इस सराहनीय धार्मिक योगदान की वहां मौजूद सभी प्रबुद्ध जनों एवं श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमन भूषण हजारी, न्यास समिति के सम्मानित सदस्यगण एवं हजारों की संख्या में दूर-दराज से आए शिवभक्त उपस्थित रहे।
शिवगंगा में स्नान कर कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
मेले का आगाज होते ही बाबा धाम परिसर में कांवड़ियों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शिवभक्तों ने पवित्र शिवगंगा सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और कतारबद्ध होकर बाबा कुशेश्वरनाथ का जलाभिषेक व विशेष पूजन-अर्चन किया। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन एवं न्यास समिति की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और प्राकृतिक फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।
भक्ति और उत्साह के चरम पर दिखी शिवनगरी
मेले के पहले ही दिन शिवभक्तों की असीम श्रद्धा अपने चरम पर नजर आई। हर तरफ केवल गेरुआ वस्त्रधारी देवतुल्य कांवड़िए और भक्ति में लीन श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे थे। पूरे क्षेत्र में लगातार गूंजते जयकारों से समूचा वातावरण अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा कुशेश्वरनाथ से क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और जन-कल्याण का आशीर्वाद मांगा।