डीजीपी ने सभी जिलों को जारी किया निर्देश, विधि-व्यवस्था ड्यूटी और वीआईपी सुरक्षा में AK-47 के उपयोग पर स्पष्ट की नीति,

अफसरों के अंगरक्षकों को AK-47 नहीं, सिर्फ रिवॉल्वर, पिस्टल या कार्बाइन मिलेगा।

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

बिहार पुलिस मुख्यालय ने पुलिस पदाधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर के पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी के अंगरक्षक को रिवॉल्वर, पिस्टल अथवा कार्बाइन के अतिरिक्त कोई अन्य हथियार निर्गत नहीं किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से जारी इस आदेश का उद्देश्य हथियारों के सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग को सुनिश्चित करना है।

जारी आदेश में भारत सरकार के गृह मंत्रालय तथा बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि AK-47 जैसे अत्यधिक घातक हथियार का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। यह हथियार सामान्य सुरक्षा ड्यूटी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण, दंगा नियंत्रण अथवा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रयोग के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है।

आदेश के अनुसार, केवल अतिविशिष्ट व्यक्तियों, जैसे राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की सुरक्षा में विशेष परिस्थितियों में प्रतिनियुक्त अंगरक्षकों को AK-47 उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके लिए भी गृह मंत्रालय द्वारा जारी सभी सुरक्षा मानकों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।

डीजीपी ने निर्देश दिया है कि AK-47 केवल प्रशिक्षित एवं जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को ही जारी की जाए तथा इसके उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह हथियार मूल रूप से संगठित अपराधियों, उग्रवादियों एवं आतंकवादियों के विरुद्ध विशेष अभियान और छापेमारी के दौरान ‘एरिया वेपन’ के रूप में उपयोग के लिए निर्धारित है।

पुलिस मुख्यालय ने यह भी दोहराया है कि विधि-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात किसी भी पुलिसकर्मी को AK-47 से लैस नहीं किया जाएगा। साथ ही पूर्व में जारी ऐसे किसी भी आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया गया है, यदि वह वर्तमान आदेश से असंगत हो।

डीजीपी द्वारा जारी ज्ञापांक 491/वि०व्य० के माध्यम से यह आदेश सभी महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप-महानिरीक्षक तथा राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को तत्काल अनुपालन के लिए भेजा गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि इन आदेशों का दृढ़ता एवं अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।