दरभंगा जिला के सदर एसडीपीओ 1 के कार्यालय में तैनात एक होमगार्ड महिला जवान के बंदूक की 9 गोलियां गायब होने की चर्चा से हड़कंप, एसएसपी बोले ,जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई।
दरभंगा जिला के सदर एसडीपीओ 1 के कार्यालय में तैनात एक होमगार्ड महिला जवान के बंदूक की 9 गोलियां गायब होने की चर्चा से हड़कंप, एसएसपी बोले ,जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई।
दरभंगा जिला के सदर एसडीपीओ 1 के कार्यालय में तैनात एक होमगार्ड महिला जवान के बंदूक की 9 गोलियां गायब होने की चर्चा से हड़कंप, एसएसपी बोले ,जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई।
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला के पुलिस महकमे में इन दिनों एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले की चर्चा जोरों पर है। चर्चा है कि सदर एसडीपीओ कार्यालय में तैनात चार महिला होमगार्ड जवानों में से एक की सरकारी बंदूक की 9 गोलियां रहस्यमय ढंग से गायब हो गई हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहा है।
सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब कार्यालय में तैनात महिला होमगार्ड जवानों के बीच अचानक कहासुनी और विवाद शुरू हो गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान जब इस ओर गया और लोग मौके पर पहुंचे तो विवाद तत्काल शांत हो गया। इसके बाद आपस में यह चर्चा होने लगी कि “मेरी 9 गोलियां कहां चली गईं?” इसी के बाद पूरे पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यदि संबंधित हथियार इंसास राइफल है तो उसमें प्रयुक्त कारतूस 7.62 के होते हैं, जबकि यदि बंदूक हे तों 303 (थ्री-नॉट-थ्री) के कारतूस का दुरुपयोग असामाजिक तत्व या अपराधी कर सकते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि वास्तव में 9 गोलियां गायब हुई हैं तो वे आखिर कहां गईं? क्या कारतूस किसी अपराधी या उग्रवादी तत्व के हाथ लग गए हैं, या फिर संबंधित जवान ने कहीं रखकर भूलवश उन्हें खो दिया है? इन सभी बिंदुओं की जांच बेहद है।
हथियार और कारतूस पुलिस बल की अत्यंत संवेदनशील संपत्ति होते हैं। इनके रखरखाव में जरा-सी लापरवाही भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर सकती है। ऐसे मामलों में आम तौर पर विभागीय जांच के साथ-साथ जवाबदेही भी तय की जाती है।
इस संबंध में जब दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस मामले की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि “फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।”
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन पुलिस महकमे के भीतर सरकारी कारतूस के कथित रूप से गायब होने की चर्चा ने सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के रखरखाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।